मिर्जापुर। औषधि क्रय की प्रक्रिया पूर्ण होने, बजट का अनुमोदन प्राप्त होने व निदेशालय द्वारा बार-बार निर्देश के बाद भी औषधियों की खरीदारी न करने पर कार्यवाहक क्षेत्रीय युनानी आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी डा. अजय कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। विशेष सचिव हरिकेश चौरसिया ने निलंबित कर राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय वाराणसी से संबद्ध किया है।
जनवरी 2024 में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी श्रीकांत रजक के निलंबित होने पर डा. अजय कुमार गुप्ता को कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी बनाया गया। 16 मार्च 2024 को डा. अजय कुमार गुप्ता को वित्तीय अधिकार प्रदान किया गया। औषधि क्रय की निविदा पूर्ण होने व औषधि क्रय व बजट का अनुमोदन 23 फरवरी को प्राप्त होने के बाद संबंधित फर्म को औषधि की आपूर्ति का आदेश डा. अजय कुमार गुप्ता द्वारा न करते हुए 21 मार्च 2024 को धनराशि निदेशालय को वापस करने का प्रस्ताव उपलब्ध करा दिया।
जिसे निदेशालय द्वारा अस्वीकार करते हुए औषधियों के क्रय के लिए पुन: डा. अजय गुप्ता को निर्देशित किया गया। निदेशक आयुर्वेद सेवाएं व वित्त नियंत्रक द्वारा बार-बार सूचित करने के बाद भी औषधि का क्रय न करते हुए 28 मार्च को बजट वापस भेजने का प्रस्ताव उपलब्ध करा दिया गया। जिससे जनपद में आयुर्वेदिक औषधियों की आपूर्ति नहीं हो सकी।
10 माह में दो अधिकारी का हुआ निलंबन
मिर्जापुर। कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी डा. अजय गुप्ता से पहले जनवरी में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और युनानी अधिकारी श्रीकांत रजक निलंबित हुए थे। डा. श्रीकांत रजक को कर्मचारियों को बामसेफ संगठन का सदस्य बनाने के नाम पर धनराशि वसूलने के आरोप में निलंबित किया गया था।