बलिया। किसानों को एक छत के नीचे सुविधाएं देने की कवायद अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है। जिले के कुल 17 के सापेक्ष 9 ब्लाॅकों में ही किसान कल्याण केंद्र आवंटित हुए हैं। इतना ही नहीं बीते चार वर्षों में अबतक सिर्फ तीन केंद्रों का ही निर्माण पूरा हुआ है।
हालांकि इस दौरान कोरोना के कारण भी कार्य प्रभावित रहा। आठ ब्लाॅकों को तो किसान कल्याण केंद्र आवंटन का इंतजार है। इससे साफ है कि 14 ब्लॉकों के किसानों तक यह सुविधा अभी नहीं पहुंची है।
किसानों को बीज व कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए दशकों पहले कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लॉक क्षेत्र में कृषि रक्षा इकाई व बीज गोदाम स्थापित किया गया था। लेकिन अधिकांश कृषि रक्षा इकाई व बीज गोदाम जर्जर हो चुके हैं। प्रदेश भर में इस स्थिति को देखते हुए शासन की ओर से वर्ष 2019-20 में किसानों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं देने की कवायद शुरू की गई। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक क्षेत्र में 80.14 लाख की लागत से ॅएक किसान कल्याण केंद्र बनाने का निर्देश दिया। इसके तहत जनपद को अलग-अलग वर्षों में कुल नौ किसान कल्याण केंद्र आवंटित हुए। लेकिन शुरू से ही इन केंद्रों के निर्माण को लेकर हर स्तर पर सुस्ती बरती गई। आलम यह है कि अब तक जिले में केवल तीन केंद्रों का ही संचालन हो सका है।
तीन वर्ष बाद भी निर्माण अधर में है लटका
वर्ष 2020-2021 में पंदह, नवानगर व सीयर ब्लॉक के लिए आवंटित किसान कल्याण केंद्रों का निर्माण अबतक पूरा नहीं हो सका है। अधिकांश स्थानों पर खासकर खिड़की दरवाजा, फर्नीचर आदि का कार्य अधूरा है। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक पंदह अंतर्गत विषहर और नवानगर के लीलकर में किसान कल्याण केंद्र का निर्माण कराया गया है। लेकिन अधूरा होने के कारण कोई भी अभी तक विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है। खेजुरी स्थित राजकीय कृषि केंद्र की जर्जर स्थिति को देखते हुए यहां के कर्मचारियों ने विषहर में बनाए गए किसान कल्याण केंद्र को हस्तांतरित करने के लिए विभाग को पत्र भी भेजा और विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था को निर्माण जल्द पूरा कराने को कहा गया लेकिन अभी भी लटका हुआ है।
तीन किसान कल्याण केंद्रों का संचालन हो रहा है, तीन का निर्माण पूरा होने को है, तीन केंद्रों के लिए जमीन चिह्नित कर शासन को भेज दिया गया है। शासन ने कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया है और जल्द ही धन की उपलब्धता होगी। अधूरे कार्य को पूरा करने का निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्था को दिया गया है।
- पवन कुमार प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया।