रेंज अंतर्गत यूपी एमपी बार्डर पर उत्तर प्रदेश भूमि में कैमूर जंगल की चोटी पर हो रहे अवैध खनन को रोकने गए वन विभाग के दो सिपाहियों पर खनन माफियाओं ने हमला बोल दिया। माफिया दोनों सिपाहियों को घेर कर पीटने लगे तो वह किसी तरह अपनी जान बचा कर वहां से भागे।
सिपाहियों ने घटना की तहरीर एमपी के हनुमना थाने की पुलिस को दिया तो वहां की पुलिस ने यह कह कर लौटा दिया कि मामला यूपी के हलिया थाना क्षेत्र का है इसलिए वहां तहरीर दी जाए। जिससे आरोपियों पर कार्रवाई हो सके। मंगलवार को सिपाहियों ने हलिया थाने में घटना की तहरीर दी। तहरीर मिलने ही हलिया पुलिस ने भी हनुमना का मामला बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। यूपी एमपी के बार्डर स्थित कैमूर जंगल की चोटी पर अवैध खनन होने की जानकारी होने पर वन विभाग के दो वन रक्षक अवधेश यादव व विशाल गौड़ मौके पर सोमवार की दोपहर जंगल में पहुंचे और खनन बंद करने को कहा। विशाल गौड़ वैसे की खनन माफिया विशाल गौड़ पर हमला बोलते हुए मारने पीटने लगे।
बता दें कि यूपी एमपी के बार्डर का फायदा उठाते हुए मध्य प्रदेश के लोढी इलाके के खनन माफिया सालों से ड्रमंडगंज के बार्डर क्षेत्र में ध़ड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। यूपी क्षेत्र के करीब पांच सौ मीटर ऊपर चोटी पर माफिया खनन कराने का काम कर रहे। जिसका मलबा नीचे फेंकने पर यूपी के वन संपदा केे काफी नुकसान हो रहा है। जंगली व फलदार पेड़ टूट कर पूरी तरह से नष्ट हो रहे हैं। इसकी जानकारी होने पर वन व पुलिस विभाग की टीम कई बार वहां छापेमारी कर चुकी है लेकिन एक बार फिर माफियाओं को पकड़ने में उसे सफलता नहीं मिली है। इससे माफियाओ का हौसला बुलंद रहता है और बेखौफ होगर अवैध खनन करते हैं।