मिर्जापुर। मां जगत जननी विन्ध्याचल देवी का जन्मोत्सव बुधवार को भादो माह कृष्ण पक्ष के द्वितीया तिथि को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जगह-जगह पर पूजा पाठ का आयोजन किया गया। मुख्य आयोजन विन्ध्याचल स्थित अष्टभुजा पहाड़ पर भैरव कुंड के पास आयोजित किया गया। यहां मंत्रों की शक्ति से देवी को प्रसन्न करने के साथ साथ तंत्र और श्रीयंत्र की भी पूजा अर्चना की गई। पुरोहितों के सस्वर पाठ से पूरा पहाड़ी क्षेत्र गूंजता रहा। मां अष्टभुजा और विन्ध्याचल देवी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
समाजिक संस्था विन्ध्य सेवा मंच द्वारा मां अष्टभुजा का दिन भर में चार आरती की गईं। भैरव कुंड के समीप का इलाका रंगीन झंडियों और गुब्बारों से सजाया गया था। मां अष्टभुजा को मंदिर का भी फूलों और रंगीन झंडियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मां के भव्य श्रृंगार पूजन और भक्तों के दर्शन पूजन के बीच सुबह से रात्रि तक हलवा के प्रसाद का वितरण हुआ। भैरो कुंड पर स्थित दुर्लभ पाषाड़ श्री यंत्र पर हजारों कमल पुष्प, गुलाब पुष्प, मेवा सहित दिव्य समिधाओं से दिन भर ललिता सहस्त्रनाम से अर्चन और भैरो कुंड में स्थित मां महाकाली का तंत्र पूजन तथा विद्वत ब्राह्मणों द्वारा उच्च स्वरों में वैदिक मंत्रों का उच्चारण शंख घंटे की ध्वनि के साथ ब्राह्मणों द्वारा उच्च स्वर में दिन भर शतचंडी का पाठ किया। सायंकाल में आम की लकड़ी व नवग्रह की लकड़ी में दिव्य समिधाओं से ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का सस्वर हवन किया गया । कार्यक्रम संयोजक मिट्ठू मिश्र ने अपनी संस्था के माध्यम से भक्तों के बीच नीम का पेड़ भी वितरित किया गया। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि अधिक से अधिक नीम का पेड़ धरा पर लगाये क्योंकि नीम के पेड़ में मां का वास होता है। नीम पेड़ लगाने से मां प्रसन्न होती हैं। इसलिए भक्त मां को जयंती में उपहार में धरा को एक नीम का पेड़ जरूर दें जिससे हमारा जीवन सदा हरा भरा रहे।
मां विन्ध्याचल के जन्मदिवस पर श्री राम सेवा समिति और भारतीय ज्योतिष संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को शहर में मां की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में कई झांकियां भी शामिल की गई थीं। ढोल ताशा और नगाड़ों की थाप के बीच लोग मां के जयक ारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा शहर के कई इलाकों से होते हुए दुर्गादेवी मोहल्ले में जा कर समाप्त हुई। जिन रास्तों से शोभायात्रा गुजर रही थी वहां का माहौल भक्तिमय हो जा रहा था। शोभायात्रा में कुशाग्र गुप्ता, दिनेश सिंह, नितेश वर्मा, रौनक कसेरा, आशुतोष वर्मा, आशुतोष सिंह, शिवम सिंह, अनुभव प्रकाश, रामबाबू तिवारी आदि शामिल रहे।