मिर्जापुर। जिले के नोडल अधिकारी व पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य सचिव एनजी रवि कुमार ने मंगलवार को जिले का भ्रमण किया। उन्होंने अष्टभुजा डाकबंगला में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं का हाल जाना। दिया।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता में गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को ठीक रकना है। यहां पर पशुओं के लिये पर्याप्त मात्रा में हरा चारा व पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराएं। गोवंश आश्रय स्थलों की चहारदीवार कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक तहसील क्षेत्र में कम से एक-एक मवेशियों को पकड़ने वाले की व्यवस्था अवश्य की जाए, ताकि छुट्ट ापशुओं को पकड़ने में आसानी हो सके। आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 22 प्राइवेट तथा 15 सरकारी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। राशन कार्ड के वितरण में उन्होंने कहा कि ई-पास मशीन के द्वारा वितरण किया जाये। लेकिन यदि किसी का अंगूठा ईंपास मशीन पर कार्य नहीं कर रहा हैं तो अंत में उसे आधार कार्ड के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सभी शौचालयों, विशेष कर गंगा किनारे के 134 ग्राम पंचायतों में बने शैचालयों की गुणवत्ता का सत्यापन अवश्य करा लिया जाए। पीएम आवास, हैंडपंप, पेयजल योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के बारे में भी जानकारी ली गई।
नोडल अधिकारी ने विन्ध्याचल अष्टभुजा के उपर बन रहे रोप-वे का निरीक्षण किया। संबंधित कार्यदायी एजेंसी से कहा कि यात्रियों के सुविधा के लिये बैठने आदि व्यवस्था तथा सुंदरीकरण भी कराया जायें। इसके बाद उन्होंने विंध्य कॉरिडोर के तहत विंध्याचल के पक्काघाट पर निर्माणाधीन घाटों का भी निरीक्षण किया। कॉरिडोर योजना के एक-एक बिंदु की जानकारी ली और वहां का भ्रमण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, एसपी सिटी प्रकाश स्वरूप पांडेय, उप जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी एएनमिश्रा, अर्थ एवं संख्याधिकारी कैलाश प्रसाद के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
चुनार। जिले के नोडल अधिकारी पर्यटन सचिव एनजी रविकु मार मंगलवार को वाराणसी से चुनार के रास्ते मिर्जापुर जाते समय नगर में स्थित चुनार के ऐतिहासिक दुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनार दुर्ग के प्रवेश द्वार से ही वापस कर दिया और पर्यटन अधिकारियों के साथ चुनार दुर्ग पहुँचकर उन्होंने दुर्ग के रख रखाव, विशाल बाउली, भतृहरि नाथ की समाधि, धूप घड़ी, रानी सोनवा के मंडप को देखा। उन्होंने सोनवा मंडप में पत्थर के लगे रोशनदान में की गई नक्काशी को बारीकी के साथ देखा। इसके साथ ही पूर्व में कराये गये जीर्णोद्धार कार्य का भी निरीक्षण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए दुर्ग के पर्यटन विकास की बात कही। नोडल अधिकारी के साथ क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ सुभाष यादव व सहायक पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार सिंह मौजूद रहे।