नगर पालिका चुनार के ठेकेदारी के तहत सेवा कर रहे पंप आपरेटरों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। इससे नाराज पंप आपरेटरों ने सोमवार को नगर पालिका पहुंचकर फिर से सेवा में लिए जाने की मांग की है। वहीं अधिशासी अधिकारी ने इससे इंकार किया।
सोमवार की सुबह जलकल अवर अभियंता सौरभ प्रकाश सिंह ने पालिका क्षेत्र में मौजूद ट्यूबवेल व मिनी ट्यूबवेलों पर ठेकेदारी के तहत कार्य कर रहे पंप आपरेटरों को कार्य से मुक्त कर दिये जाने की मौखिक जानकारी दी। जिसके बाद पंप आपरेटर समूह में पालिका कार्यालय पहुंचे और पालिका प्रशासन से वार्ता कर पुन: कार्य पर रखने की बात कही। लेकिन किसी तरह की कोई बात नही बनी। इसके बाद पंप आपरेटरों ने कार्य से हटाये जाने के मामले से सभासदों को अवगत कराने के साथ ही भाजपा नगर अध्यक्ष चंद्रहास गुप्ता को भी अवगत कराया। सभासद व भाजपा नगर अध्यक्ष भी पालिका पहुंचे और उन्होंने भी पालिका प्रशासन से बात की लेकिन शासनादेश की बात करते हुए अधिशासी अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुई। सभासदों ने इस मामले मेें बोर्ड की बैठक बुलाये जाने की मांग की। पंप आपरेटरों ने कहा कि यदि पालिका प्रशासन द्वारा अचानक उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया तो वह भुखमरी के कगार पर आ जायेंगे। अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने कहा कि शासनादेश के तहत आईटीआई डिप्लोमा प्राप्त करने वाले पंप आपरेटरों से ही कार्य लेना है। इसलिए शासनादेश का पालन करते हुए अकुशल पंप आपरेटरों को कार्य से मुक्त कर दिया गया है। अब पालिका के 24 कुशल पंप आपरेटरों द्वारा ही कार्य लिया जाएगा।