फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: एक घंटे की तेज बारिश ने उमस से दी राहत, जलभराव ने खोली व्यवस्था की पोल

विज्ञापन
अहरौरा में बारिश के चलते सड़क पर भरा पानी।- सोशल मीडिया।
विज्ञापन
- गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक हुई बारिश, शहर से गांव तक जनजीवन प्रभावित, किसानों को मिली राहत
विज्ञापन

मिर्जापुर। जनपद में बुधवार को मानसून ने दस्तक दे दी। कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को दोपहर बाद हुई एक घंटे की तेज बारिश से बड़ी राहत मिली। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, शहर के कई इलाकों में जलभराव से नगर निकायों की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और खरीफ फसलों को राहत मिली।
बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप निकलने से उमस बढ़ गई, जिससे लोग परेशान रहे। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने पूरे जिले को तरबतर कर दिया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
विज्ञापन

नगर क्षेत्र में हुई तेज बारिश से मंडलीय अस्पताल, कचहरी परिसर, रोडवेज बस स्टेशन और आवास विकास कॉलोनी के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कों पर जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्का पोखरा से खजुरी नदी तक गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ फैलने से आवागमन प्रभावित रहा। लोगों का कहना है कि बारिश ने नाले और नालियों की सफाई के दावों की हकीकत उजागर कर दी।
कछवां : दोपहर बाद हुई बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। देर शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। इमलिया चट्टी क्षेत्र में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई बारिश से बाजार और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नरायनपुर : खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में तेजी आई। सीखड़ क्षेत्र में करीब 10 हजार बीघा में बोई गई मक्का की फसल के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हुई। बारिश नहीं होने के कारण किसानों को अब तक कई बार सिंचाई करनी पड़ रही थी, जिससे लागत बढ़ रही थी। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से अब सिंचाई की आवश्यकता कम होगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है।

मानसून की इस पहली प्रभावी बारिश ने एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत पहुंचाई, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की कमियों को भी उजागर कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने इस बारिश को खेती-किसानी के लिए शुभ संकेत बताया।

इनसेट
विंध्याचल में दूसरे दिन बारिश से जलभराव
विंध्याचल क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से दूधनाथ चुंगी अंडरग्राउंड पुल, रेहड़ा पुल और पटेंगरा नाला के आसपास जलभराव हो गया। इससे मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।
विज्ञापन


इनसेट
विंध्याचल में दूसरे दिन बारिश से जलभराव
विंध्याचल क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से दूधनाथ चुंगी अंडरग्राउंड पुल, रेहड़ा पुल और पटेंगरा नाला के आसपास जलभराव हो गया। इससे मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।

अहरौरा में बारिश के चलते सड़क पर भरा पानी।- सोशल मीडिया।

अहरौरा में बारिश के चलते सड़क पर भरा पानी।- सोशल मीडिया।

अहरौरा में बारिश के चलते सड़क पर भरा पानी।- सोशल मीडिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें