मिर्जापुर। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं युवाओं और महिलाओं को अधिक परेशान कर रही है। पढ़ाई का दबाव, मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल, घरेलू तनाव और रिश्तों में तालमेल की कमी लोगों की मानसिक सेहत पर असर डाल रहे हैं।
असर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में भी दिख रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि दो वर्ष पहले रोजाना 50 के आसपास मरीज आते थे। एक वर्ष पहले यह संख्या बढ़कर 80 हो गई और अब प्रतिदिन 150 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर डॉ. पूजा सिंह ने मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज न करने और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने की जरूरत बताई।
बताया कि विभाग में सिरदर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीज सबसे अधिक हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सिरदर्द की शिकायत वाले मरीजों में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। शादी के बाद ससुराल में तालमेल की परेशानी और घरेलू तनाव से जूझ रही महिलाओं में भी सिरदर्द की शिकायत सामने आ रही है।
सिरदर्द के पीछे तनाव, नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या और माइग्रेन जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि, हर सिरदर्द मानसिक बीमारी का संकेत नहीं होता। बार-बार सिरदर्द होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। पर्याप्त नींद, नियमित भोजन, पानी पीना, शारीरिक गतिविधि और तनाव कम करने के उपाय मददगार हो सकते हैं।
अचानक बहुत तेज सिरदर्द, कमजोरी, बोलने में परेशानी या बुखार के साथ गर्दन अकड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।