उसी दौरान उसके पिता नरसिंह परिवार और ग्रामीणों के साथ पहुंच गए। नरसिंह ने दरवाजा खोलकर देखा तो माता-पिता मृत अवस्था में पड़े थे। दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। मड़हे में खून फैला था। घायल छोटू को इलाज के लिए सीएचसी राजगढ़ पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया।
नरसिंह ने बताया कि उनका पुत्र छोटू गांजे का सेवन करता है। माता-पिता को वृद्धा पेंशन मिली थी। कमरे में डिब्बे में रखा चावल बिखरा पड़ा था। इससे लग रहा है कि नशा करने के लिए पैसा नहीं मिलने पर उसने हमला किया।
शनिवार को शाम को पौत्र ने अपने दादा-दादी पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस हमले में दोनों की मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड के साथ जांच की। आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। यह भी बताया जा रहा है कि पहले वह अपने पर वार कर रहा था। दादा-दादी ने रोकने का प्रयास किया। इस पर गुस्से में आकर उन्हीं पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने अपने को कुल्हाड़ी से मारकर घायल कर लिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। तहरीर लेकर मामले की जांच की जा रही है। -अभिनंदन, पुलिस अधीक्षक
गांजे के लिए पैसे न देने पर नाबालिग ने दादा-दादी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। मामले की जांच की जा रही है। -महेंद्र पाल सिंह, सीओ ऑपरेशन