उद्योग केंद्र के पीछे फैक्टि्रयों की तरफ जाने वाले मार्ग पर फैली गंदगी।-संवाद।
मिर्जापुर। साल 1961 में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र पथरहिया आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। करीब 15.75 एकड़ में फैले औद्योगिक क्षेत्र परिसर में प्रवेश करते ही अव्यवस्थाएं दिखाई देने लगती हैं। मुख्य गेट से अंदर चारों तरफ सड़क की पटरियां और नाले घास फूस से ढक गए हैं। जिला उद्योग केंद्र के ठीक सामने गेट के बगल में कूड़े का ढेर पड़ा है। हवा में कूड़ा उड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्र में पानी की टंकी तो है लेकिन फैक्टरियों को पानी नहीं मिलता है। सीवर का निर्माण नहीं होने से नालियां बजबजा रही हैं। परिसर में बरसात के जल निकासी के लिए चारों तरफ नालियां बनाई गई थीं, लेकिन अब अधिकांश नालियां पट चुकी हैं। कुछ अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई हैं। कुछ नालियों को भूखंड स्वामियों ने निजी लाभ के लिए मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। परिणामस्वरूप बारिश होते ही परिसर में पानी भर जाता है।
धर्मकांटे की नहीं है व्यवस्था, नो इंट्री से होती है परेशानी
औद्योगिक क्षेत्र में धर्मकांटा की व्यवस्था नहीं है। इससे उद्यमियों को परेशानी होती है। लोड वाहन यदि फैक्टरी में आ गए तो फिर वजन कराने के लिए नो इंट्री में धर्मकांटे तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे वाहन तौल होने तक फैक्टरी में या फिर शहर से बाहर खड़े रहते हैं। परिसर में धर्मकांटे की मांग बहुत दिनों से की जा रही है।
डाकघर का भवन तैयार, नहीं शुरू हुआ संचालन
औद्योगिक क्षेत्र में डाकघर स्थापित करने की मांग उद्यमियों की ओर से की जा रही थी। तत्कालीन डीएम की पहल पर पोस्ट ऑफिस के लिए भवन का निर्माण तो हो गया लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया।
औद्योगिक क्षेत्र में नियमित सफाई के लिए नगर पालिका ईओ को पत्र भेजा जाएगा। सीवर निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। बजट उपलब्ध होने पर कार्य कराया जाएगा।
-दयाशंकर सरोज, उपायुक्त उद्योग, औद्योगिक आस्थान मिर्जापुर।