अहरौरा बांध के लबालब होने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। बांध की क्षमता 360 फीट की है, लेकिन वर्तमान समय में 354.2 फीट पानी एकत्रित हो चुका है। किसानाें का मानना है कि बांध में इतना पानी हो गया है कि किसानाें को रबी, खरीफ एवं जायद की फसलाें की सिंचाई में परेशानी नहीं होगी।
विगत छह वर्ष बाद अहरौरा जलाशय में 354 फीट पानी इकट्ठा होने से धान के कटोरे के नाम से विख्यात जमालपुर के किसान हर्षित नजर आ रहे हैं। बांध में पर्याप्त पानी होने से कृषकाें को फसलाें की सिंचाई के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान समय में अहरौरा जलाशय में 354 फीट पानी एकत्रित हो चुका है , जिससे मिर्जापुर जनपद के जमालपुर ब्लाक के पांच हजार एकड़ की सिंचाई होती है।
इस बांध से चंदौली जनपद के नियामताबाद ब्लाक के आंशिक रकबों की सिंचाई की जाती है। अहरौरा जलाशय का निर्माण सन् 1957 में तत्कालीन मुख्यमंत्री संपूर्णानंद एवं सिंचाई मंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के नेतृत्व में कराया गया था, जिससे क्षेत्र के किसानाें को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल जाता था, लेकिन विगत एक दशक से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण अहरौरा जलाशय में पानी का अकाल भी देखने को मिला। इस वर्ष अच्छी बारिश होने से अहरौरा जलाशय लबालब भरा हुआ है। जलाशय के अवर अभियंता अरविंद यादव ने बताया कि बांध लबालब भर चुका है, जिससे किसानाें को खरीफ, रबी व जायद की फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होगी।