मिर्जापुर। नेशनल मिशन ऑफ नेचुरल फार्मिंग योजनांतर्गत कृषि विभाग अब किसानों से प्राकृतिक खेती कराएगा। पहले चरण में छानबे और कोन ब्लाॅक में 500 हेक्टेयर से प्राकृतिक खेती शुरू होगी। 50-50 हेक्टेयर के लिए तैयार प्रत्येक कलस्टर में दो-दो कृषि सखी का चयन हुआ है। कृषि विभाग अब किसानों के चयन में जुटा है। गाय पालने वाले किसानों को वरीयता दी जाएगी।
प्राकृतिक खेती के लिए छानबे ब्लॉक में पियरीभीट, गाजीपुर, कठवइया, कलना दुबे, अरंगी सरपत्ती, महुवारी खुर्द, देवरी, कोडियरा, बलापुर, डेरवा और विजयपुर गांव का चयन हुआ है। कोन ब्लॉक में मनौआ, मिश्रधाप और खुलुआ गांव में प्राकृतिक खेती होगी। 50-50 हेक्टेयर में होने वाले खेती के लिए ब्लाॅक स्तर पर नोडल कर्मचारी की तैनाती के साथ ही प्रत्येक कलस्टर में दो-दो कृषि सखी का चयन हुआ। जो प्राकृतिक खेती में किसानों का सहयोग करेंगी। इस संबंध में उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने नेशनल मिशन ऑफ नेचुरल फार्मिंग योजना के उद्वेश्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को रासायनिक उर्वरक से मुक्ति दिलाकर सुरक्षित कृषि पद्धति की ओर प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा गाय पालने वाले किसानों के पास आसानी से गोबर व गोमूत्र उपलब्ध हो सकेगा। किसानों को जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, घनामृत जैसी परांपरिक और प्राकृतिक विधियों का प्रशिक्षण मिलेगा।