मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में टिड्डीयों के प्रकोप को देखते उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधान किया है। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने मंगलवार को पिपराडाड़ स्थित कृषि भवन सभागार में बैठक की।
उप कृषि निदेशक ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में टिड्डी दल रात्रि में रुक जाता है तो सुबह ही खेत की जुताई करा देनी चाहिए। प्रकोप की दशा में टिन, डिब्बे, थाली, ढोल व मजीरा आदि से आवाज कर भगाया जा सकता है। जैविक नियंत्रण के रूप में ब्यूवेरिया बेसियाना की 2.5 किलोग्राम मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए। टिड्डी दल पर नियंत्रण के लिए विषैली औषधियों से बना चारा जैसे मिथाईल पैैराथियान 2 प्रतिशत धूल में भींगी हु्ई गेहूं की भूसी का फैलाव करना चाहिए।