रविवार को पूरे दिन मूसलाधार बारिश होने के बाद सोमवार को मौसम खुशनुमा बना रहा। इंद्रदेव के मेहरबान होने के बाद किसान धान की नर्सरी डालने में तेजी से जुट गए वहीं अचानक मौसम का मिजाज बदलने से पारा भी लुढ़क गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
सुबह के समय कुछ देर हुई बरसात के चलते ज्यादातर स्कूल-कालेज तो बंद रहे, लेकिन सरकारी दफ्तरों में पूरे दिन कामकाज हुआ।
सुबह के समय आसमान में काले-काले बादल छाए रहने के कारण दिन भर भगवान भास्कर के दर्शन तक नसीब नहीं हो पाए।
मौसम में नमी होने के कारण जहां एक ओर लोगों को प्रचंड गर्मी से राहत मिली, वहीं नगर के प्रमुख बाजार देर रात तक गुलजार रहे। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देख दुकानदार भी गदगद नजर आए।
सोमवार की सुबह करीब एक घंटे हुई रिमझिम बारिश आसाढ़ मास सावन का एहसास करा रहा था। भीषण गर्मी के उपरांत सुबह से लेकर सांयकाल तक वातावरण में बह रही मंद-मंद ठंडी बयार से मौसम खुशगवार हो गया।
बारिश होने के बाद जनपद के ग्रामीण अंचलों के किसान अपने खेतों में पहुंच कर धान की नर्सरी डालने की तैयारी में जुट गए, वहीं बीज की दूकानों पर पहुंचे किसान उन्नतशील धान बीजों की खरीदारी करते नजर आए।
रविवार को हुई झमाझम बारिश के चलते शहर की गलियों में कीचड़ व जलभराव की स्थिति बनी रही, वहीं नगर के रोडवेज, लेबर कालोनी, पुलिस लाइन, बीएलजे ग्राउंड, जीआईसी ग्राउंड सहित कई अन्य स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ा।
क्षतिग्रस्त सड़कों पर बारिश का पानी एकत्रित होने से राहगीरों सहित वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध रही। मौसम का मिजाज बदलने से जहां उमस भरी गर्मी से इंसानों के साथ ही पशु-पक्षियों को भी राहत मिली।