मिर्जापुर। नगर में रविवार का दिन शहरवासियों के लिए कष्ट भरा रहा। उमस के बीच दिन भर बिजली आपूर्ति बाधित रही। शाम को जब आपूर्ति बहाल हुई तो बार-बार ट्रिपिंग की समस्या लेकर आई। एक घंटे में तकरीबन 12 से अधिक बार बिजली कटौती की गई।
उमस और गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों ने दिन भर बिजली पानी के लिए संघर्ष किया। लोग सरकार और प्रशासन को कोसते रहे।
रविवार को रेलवे द्वारा सखौरा की 33 केवी केबल को भूमिगत किया जाना था। इसके लिए विद्युत विभाग से स्वीकृति लेने के बाद रविवार को दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक शटडाउन लिया गया। इससे सखौरा फीडर की सभी लाइनों को बंद कर दिया गया। तय बिजली विभाग ने 12 बजे के कुछ पहले ही शटडाउन दे दिया। लेकिन तय समय तक रेलवे की तरफ से कर्मचारियों ने काम शुरू नहीं किया। लाइन का काम करने के लिए मौके पर लगभग दोपहर एक बजे कर्मचारी पहुंचे। दो बजे के आसपास काम शुरू किया। इससे तयशुदा कार्यक्रम में समय बढ़ गया और शाम को पांच बजे की बजाय बिजली छह बजे आई। पूरे दिन बिजली पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए तरसते रहे। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए। इसके बाद ट्र्रिपिंग शुरू हो गई। हर दो या पांच मिनट पर बिजली कटौती शुरू हो गई। बार-बार ट्रिपिंग के चलते लोगों को बिजली के उपकरण बंद करने पड़े। लोगों ने सोचा कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तो वह उसे चलाएंगे लेकिन शाम के साढ़े सात बजे तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। बिजली गुल होने से सिविल लाइन, वासलीगंज, रमईपट्टी, घंटाघर, रामबाग सहित कई इलाके बिजली की समस्या से जूझते रहे।