मिर्जापुर। नगर पालिका मिर्जापुर के बड़े बकाएदारों को भुगतान के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में चार करोड़ रुपये का हाउस टैक्स बकाया है। इसे वसूलने की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी दस हजार का बिल बकाया या इससे ऊपर वाले बकाएदारों को चिह्नित किया गया है। वसूली के लिए 60 मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर नगर पालिका क्षेत्र के 1200 बकायेदारों को नोटिस भेजकर वसूली की तैयारी की जा रही है। इन पर गृह कर व जलकर का बकाया जमा न करने के चलते नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में कुल 38 वार्ड हैं। इनमें 38000 भवन अवस्थित हैं। इन सभी से गृह कर व जल कर की वसूली की जाती है। वर्तमान समय में 10,000 रुपये से अधिक के बिल बकायेदारों को चिह्नित किया गया है। इनकी संख्या 12 सौ है इनको अब शीघ्र ही नोटिस भेजा जाएगा। इसके लिए पूरे अभिलेखों के साथ विवरण तैयार किया जा रहा है। ताकि उसके बाद भी भुगतान न होने की दशा में कार्रवाई की जा सके। इसके पूर्व जुलाई में नगरपालिका ने 60 लोगों को नोटिस भेजा था। इसमें 30 लोगों ने अपने बकाए कर को जमा कर दिया।
एक करोड़ के राजस्व की हुई थी वसूली
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में एक अप्रैल से 30 जून तक गृह कर व जलकर की बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया गया था। इसके तहत बकायेदारों को एकमुश्त जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट देने की बात कही गई थी। यह छूट केवल इसी वित्तीय वर्ष के लिए थी, जो पिछला बकाया था, उन पर कोई छूट नहीं दी गई थी। इस अवधि में बड़ी संख्या में लोगों ने गृहकर व जलकर बकाया का भुगतान किया और नगर पालिका परिषद को एक करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी।
बड़े बकाएदारों का वर्षों से है बकाया
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में तकरीबन सौ ऐसे बकाएदार हैं जिन्होंने अभी तक कोई कर ही नहीं जमा किया है। हालांकि इस प्रकार के करदाताओं पर मामूली बकाया है। ऐसे लोग छोटी बस्तियों में एक-दो कमरों में निवास करते हैं। इसके अलावा नगर पालिका के नियमित कर दाताओं की बात करें तो यदि वह समय से करों का भुगतान कर दें तो नगर पालिका परिषद को कम से कम चार करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हो सकती है।
कर अधीक्षक नगर पालिका परिषद अरविंद यादव ने कहा कि गृहकर व जलकर की वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सभी कर निरीक्षकों व कर संग्रहकर्ताओं के कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। कार्य में ढिलाई मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।