मिर्जापुर। पंद्रह दिन बाद कोहरे से शुक्रवार को राहत मिली लेकिन 2015 के बाद ग्यारह साल बाद 2026 में तीन जनवरी कोर बिगड़े मौसम के मिजाज से लोग परेशान हो उठे। शुक्रवार को सुबह पांच बजे की भोर बादलों के बीच हवा के साथ कहीं-कहीं पर बारिश की फुहार भी पड़ी। इससे ठंड के साथ गलन बढ़ गई। दिनभर सूर्य की परछाई तक नजर नहीं आई। दोपहर बाद आसमान में छाए धुंध के बीच कुछ उजाला नजर आया लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से धुंध छा जाने से लोग ठिठुरने को विवश रहे।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। 24 घंटे के अंदर अधिकतम तापमान में तीन डिग्री बढ़ोतरी तो वहीं न्यूनतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क जाने से गलन और ठंड बढ़ गई। तीन जनवरी के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के पिछले 11 साल के आंकड़ों पर गौर करें तो लगभग इस तरह का मौसम 2015 में रहा। तीन जनवरी 2025 को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। हालांकि तीन जनवरी 2015 को बारिश हुई थी लेकिन तीन जनवरी 2026 को सिर्फ पानी के फुहार तक सीमित रहा। वहीं पिछले पंद्रह दिनों से लगातार रुक-रुक कर घने कोहरे को लेकर किसान चिंतित है। हालांकि शुक्रवार को 15 दिन बाद कोहरा तो नहीं रहा लेकिन आसमान में दिनभर बादल बने रहे। इधर गलन के साथ बढ़ी ठिठुरन से घरों में दुबके रहे। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर लोग ठिठुरते नजर आए।
सांस, सर्दी जुकाम और जोड़ों में दर्द के मरीज बढ़े
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में ठंड बढ़ने पर सांस, सर्दी-जुकाम के साथ जोड़ों में दर्द के मरीज बढ़ गए है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी रात के समय मरीज आ रहे है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डा. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि इमरजेंसी में प्रतिदिन अधिक उम्र वाले सांस और ह्रदय रोग के मरीज आ रहे है। रात के समय ठंड बढ़ने पर अधिक मरीज आते है। इसके अलावा ओपीडी में जोड़ों में दर्द के मरीज आ रहे हैं। इन्हें गठिया आदि की शिकायत है।
फसलों पर पड़ सकता है पाले का असर-मिर्जापुर। गेहूं को छोड़कर आलू सहित दलहनी और तिलहनी फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने बताया सरसों की फसल में इन दिनों फूल आ रहे हैं। कोहरे से माहो लगने का खतरा बढ़ा है। आलू की फसल को झुलसा रोग के प्रकोप से बचाने के लिए किसान संतुलित मात्रा में पानी में मैंकेजेब के घोल का छिड़काव करें।
जनवरी माह में कोहरा और बादलों के साथ इस तरह का मौसम कभी नहीं रहा। ना ही कभी रिकाॅर्ड किया गया है। पानी के फुहार को कोहरे के बीच हवा के चलते फाॅगिंग कहा जा सकता है। आने वाले दिनों में गलन के साथ ठंड में बढ़ोतरी की संभावना है। बादल रहेंगे लेकिन बारिश के आसार नहीं। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। शिव मंगल सिंह, मौसम वैज्ञानिक, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी।
ग्यारह वर्षों के बीच तीन जनवरी को कुछ इस तरह रहा तापमान डिग्री सेल्सियस में
वर्ष- अधिकतम तापमान- न्यूनतम तापमान
तीन जनवरी 2015 16 8
तीन जनवरी 2016 25 6
तीन जनवरी 2017 22 11
तीन जनवरी 2018 21 8
तीन जनवरी 2019 25 8
तीन जनवरी 2020 19 10
तीन जनवरी 2021 26 14
तीन जनवरी 2022 20 7
तीन जनवरी- 2023 20 8
तीन जनवरी- 2024- 23 13
तीन जनवरी- 2025- 25 9
तीन जनवरी- 2026- 18 8