एसडीएम लालगंज द्वारा धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद भाकपा माले के कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर नदनी गांव के लिए रवाना हो गए। जिसकी भनक लगते ही एएसपी आपरेशन अरविंद मिश्रा, एसडीएम लालगंज लल्लनराम व एसडीएम सदर जीसीराम, सीओ सदर संजय सिंह, सीओ आपरेशन केपी सिंह के नेतृत्व में हलिया, लालगंज, देहात, जिगना व मड़िहान थाने की पुलिस के अलावा एक कंपनी पीएसी उन्हें रोकने के लिए नदनी गांव को घेराते हुए जगह जगह नाकेबंदी कर की। धरना देने से पहले 150 कार्यकर्ताओ को गिरफ्ता कर लिया।
कार्यकर्ता नदनी गांव तो नहीं पहुंच सके लेकिन बाबू उपरौध इंटर कॉलेज के प्रांगण से लालगंज थाने की ओर मार्च कर दिया। मामले की जानकारी होते ही अधिकारी दलबल के साथ पहुंचे और करीब डेढ़ सौ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले आए। गांव में दो प्लाटून पीएसी नदनी गांव में शनिवार तक तैनात कर दी गई है। जीरा भारती, डा. भारती, बसंत, श्यामकली, सुनील मौर्या, आशाराम भारती, मुंदर, दुखीराम, संतोष, हरिशंकर, लालजी, दिनेश बिंद, मुन्नी देवी मौजूद रहीं।
विकास खंड के नदनी गांव में वन विभाग की जमीन पर कब्जा का मामला काफी दिनों से माले कार्यकर्ता एवं एक न्यक्ति के बीच विवाद होता चला आ रहा है। दोनों पक्ष जमीन पर अपना अपना दावा ठोक रहे हैं। इसी बात को लेकर उनके बीच अक्सर मारपीट हो रही है। दोनों के बीच आए दिन हो रहे विवाद को देखते हुए प्रशासन ने तहसील लालगंज व वन विभाग से जमीन का नक्शा देकर स्थिति को साफ करने को कहा है। निर्देशित किया है कि अगर वन विभाग की जमीन है तो उस पर कोई कब्जा करने का कैसे प्रयास कर रहा है। उसे तत्काल हटा कर जंगल की जमीन को खाली कराया जाए। जिससे यह विवाद थम सके। उधर माले कार्यकर्ता उसे आदिवासियों की जमीन बताते हुए कब्जा करने के लिए लगातार प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। नहीं देने पर कई दिनों से जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को पूर्व कार्यक्रम के अनुसार वह नदनी गांव में धरना प्रदर्शन करने वाले थे लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते नदनी गांव तक नहीं पहुंच पाए लेकिन लालगंज थाने तक जरूर मार्च कर पहुुंच गए, उनको वहां जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।