मिर्जापुर। चील्ह थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्ष पहले बालिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोषी पाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
चील्ह थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 29 मार्च 2015 को थाने में तहरीर देकर बताया कि शाम को उसकी 10 वर्षीय पुत्री शौच के लिए घर से बाहर गई थी। वहां गांव के गुड्डू सिंह पुत्री को पकड़कर दुष्कर्म करने लगा। पुत्री ने शोर मचाया तो उसका भाई इस्माइल दौड़कर पहुंचा। पुलिस ने पहले छेड़खानी और पाॅक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी पर कार्रवाई की। इसके बाद विवेचना कर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक ने दुष्कर्म की घटना को प्राथमिकता देते हुए चील्ह पुलिस व पैरवी सेल को निर्देशित करसशक्त पैरवी कराया। विशेष लोक अभियोजक सुनीता गुप्ता ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराने के साथ साक्ष्य प्रस्तुत किया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने गवाहों के बयान, अधिवक्ताओं की दलील और साक्ष्य के आधार पर आरोपी गुड्डू सिंह को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।