मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में कमी आने से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को दोपहर 12 बजे से गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कमी आनी शुरू हो गई।
बुधवार को दोपहर में गंगा का जलस्तर 72.96 मीटर पर रहा। गंगा के जलस्तर में कमी आने से छानबे, कोन, मझवां, सीखड़, सिटी, पहाड़ी, नरायनपुर विकास खंड के तटवर्ती इलाके में बसे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष गंगा में आई बाढ़ में हुए नुकसान से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि इस बार भी तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से उनकी चिंता बढ़ गई थी। उधर, रविवार को हुई तेज बारिश के चलते पहाड़ी व सिटी विकास खंड के कई गांवों की बस्तियों के आसपास अब भी पानी भरा हुआ है। पानी की सड़ांध से लोगों में संक्रामत बीमारियों का भय बना हुआ है। पहाड़ी विकास खंड के कोटवा, नेवढि़या, झिंगुरा, देवपुरा, हल्का बौड़री, चपगहना, सिटी विकास खंड के अघवार, देवरी, हुरुआ, टेंगराही सहित कई ग्राम पंचायतों की बस्तियों के आसपास पानी के चलते कीचड़ हो गया है। दवाओं का छिड़काव नहीं होने से लोगों में संक्रामक बीमारियों का भय बना हुआ है। ज्ञात हो, बीते रविवार को हुई बारिश के चलते मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग पर अघवार से लेकर पहाड़ी विकास खंड के कोटवा तक जगह-जगह सड़क के ऊपर से पानी बह रहा था। खंड विकास अधिकारी सिटी शरद कुमार सिंह कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ग्राम पंचायतों के लिए दवा आदि नहीं दी जा रही है। कुछ जागरूक ग्राम प्रधानाें ने अपने खर्च से ब्लीचिंग पाउडर व दवाओं का छिड़काव कराया है।