मिर्जापुर। अहरौरा थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व युवती को बेहोश कर उसके साथ दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोष सिद्ध होनेे पर आरोपी को 10 वर्ष की कैद और 19 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
अहरौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक मई 2016 को गांव का एक युवक 20 वर्षीय युवती को बहला कर अपने घर ले गया। वहां पर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बनाया। बाद में बनाए गए वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने लगा। युवती के मना करने पर उसने वीडियो को अपने साथियों के साथ मिलकर नेट पर डाल दिया। युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी विजय विश्वकर्मा पर बेहोश करने, दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर वायरल करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एडीजीसी फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने कुल सात गवाह परीक्षित कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने आरोपी विजय विश्वकर्मा को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने पर पांच वर्ष की कैद और दो हजार जुर्माना, दुष्कर्म में 10 वर्ष की कैद और 10 हजार जुर्माना, अन्य दो धाराओं में तीन-तीन वर्ष की कैद और पांच हजार तथा दो हजार के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।