पांच सूत्री मांग को लेकर मंगलवार को निषाद समुदाय की महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर मोक्षदायिनी मां गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन किया । कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि निषाद समुदाय के लोग प्राचीन काल से गंगा किनारे रह कर गंगा की जमीन पर खेती-बारी करते हुए मत्स्य आखेट और नौका संचालन का कार्य करते चले आ रहे हैं, लेकिन शासन और प्रशासन द्वारा राजनैतिक विद्वेष के कारण निषाद समुदाय को नीचा दिखाने के लिए सदैव से ठगा जा रहा है।
कहा गया कि निषाद समुदाय का विकास दिन प्रतिदिन गर्त में चला जा रहा है तथा इस समुदाय के पुश्तैनी व्यवसाय मत्स्य, आखेट, नौका संचालन आदि पर भी शासन स्तर पर रोक लगाई जा रही है, जिससे निषादों के घर में बच्चों व महिलाओं का भरण पोषण हो पाना मुश्किल हो गया है। विंध्याचल सहित मिर्जापुर नगर के निषाद बस्तियों में बिजली-पानी व साफ-सफाई का अभाव बना रहता है, बावजूद इसके व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। इस दौरान रामलाल साहनी, हीरावती, चंदा, समुंदरा देवी, केवला, उषा देवी, चंपा, गुड्डी, बेसरा देवी, मुन्नी देवी, दुर्गावती, पार्वती, बन्ना देवी, सतना देवी, नगीना, बैजंती, रेश्मा देवी, चनरा, लता, संतरा देवी, निर्मला, सीता, कौशल्या आदि मौजूद रहे।