अक्षय तृतीया पर नगर सहित ग्रामीण अंचलाें में स्थित आभूषण की दुकानाें पर ग्राहकाें की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने मनपसंद गहनों की खरीदारी की। सोने व चांदी की गिन्नी खरीदी गई। कारोबार से दुकानदार गदगद रहे।
अक्षय तृतीया पर आभूषणाें की दुकानाें पर ग्राहकाें की भारी भीड़ देर रात तक जुटी रही। दोपहर बाद से ही दुकानाें पर ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक बरकरार रहा। ग्राहकाें ने बजट के अनुसार सोने-चांदी और हीरे से निर्मित गहनाें की खरीदारी की। महिलाओं ने अंगूठी, टप्स, बाली, बेंदी, नथियां, हार की खरीदारी किया। नगर के बसनही बाजार स्थित धीरज ज्वैलर्स के अधिष्ठाता धीरज अग्रवाल ने बताया कि अक्षय तृतीया पर बाजार ठीक ही रहा। ग्राहकाें ने अपने बजट के अनुसार गहनाें की खरीदारी की। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर प्योर सोना प्रति दस ग्राम 27200 रुपये प्रति दस ग्राम तथा अर्नामेंट 26000 रुपये प्रति दस ग्राम के हिसाब से बेचे गए, वहीं चांदी प्योर 33000 प्रति केजी और चांदी से बने गहने 36500 प्रति केजी के हिसाब से बिके। विंध्याचल के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं. त्रियोगी नारायण मिश्र ने बताया कि जो कभी क्षय नहीं होती उसे अक्षय कहते हैं। इस दिन जिनका परिणय-संस्कार होता है उनका सौभाग्य अखंड रहता है। इस दिन महालक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए भी विशेष अनुष्ठान होता है, जिससे अक्षय पुण्य मिलता है। इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है, क्याेंकि शास्त्राें के अनुसार इस दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना गया है। शुभ कार्यों के अलावा प्रमुख रूप से शादी, स्वर्ण खरीदने, नया सामान, गृह प्रवेश, वाहन क्रय, भूमि पूजन तथा नया व्यापार प्रारंभ कर सकते हैं।