कहा कि सारे अधिकारियों के मोबाइल जब्त किए जाएं। जिससे सच सामने आए कहा कि सही समय आने पर वह हाथरस कांड से संबंधित सबूत भी पेश करेंगे। सरकार पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जो भी सरकार जातिवाद करती है, तो सबसे पहले उस जाति के लोगों को उसका विरोध करना चाहिए। जातिवादी सरकार चलेगी तो जनता के साथ न्याय नहीं होगा।
हाथरस कांड ने देश के लोगों को झकझोरा है। सरकार तुगलकी फरमान सुना रही है। पीड़िता के पिता को जूतों से मारा जा रहा है। मां आंचल फैलाएं न्याय की भीख मांग रही है, पर सरकार उनकी सुनवाई नही कर रही है। मांग किया कि हाथरस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की मॉनिटरिंग में गठित सीबीआई टीम से कराई जाए।