-भैरव कुंड से अष्टभुजा पहाड़ तक आधी रात में तंत्र-मंत्र की साधना, रातभर रही चहल-पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
विंध्याचल। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर विंध्य की पहाड़ियों में महानिशा पूजन के लिए साधकों का जमावड़ा लगा। भैरव कुंड, रामगया घाट और अष्टभुजा पहाड़ की गुफाओं व कंदराओं में साधकों ने अर्धरात्रि में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। यंत्र, तंत्र और मंत्र की साधना में लीन साधकों से पहाड़ का त्रिकोण मार्ग रातभर गुलजार रहा।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए साधकों ने अष्टभुजा पहाड़ स्थित महाकाली, तारा देवी और काल भैरव मंदिर सहित विभिन्न स्थलों पर आसन लगाकर महानिशा की विशेष पूजा की। सूर्यास्त के बाद से ही त्रिकोण मार्ग पर गहमागहमी बढ़ने लगी थी। देर रात तक पहाड़ियों पर साधना और अनुष्ठान का क्रम चलता रहा। महानिशा पूजन को देखने के लिए विंध्याचल सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। साधकों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए, ताकि श्रद्धालुओं और उपासकों को परेशानी न हो।