मिर्जापुर। 43 डिग्री तापमान के बीच आस्थाधाम विंध्याचल में तपते पत्थरों पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन को आए श्रद्धालुओं को आस्था की परीक्षा देनी पड़ रही है। परिक्रमा पथ पर नंगे पैर खड़े होने में मुश्किल पेश आ रही है। इतना ही नहीं विभिन्न मार्गों पर शेड न होने की वजह से भक्तों को तीखी धूप का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि न्यू वीआईपी और कोतवाली गेट पर स्थाई शेड लगाया जा रहा है लेकिन गेट की सीढि़यों पर बिछाई गई मैट पर्याप्त नहीं है।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन से पहले ज्यादातर श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। स्नान के दौरान दीवानघाट पर तपते बालू की रेती पर श्रद्धालु सहित उनके साथ-छोटे-छोटे बच्चों के पैर जलते हैं। गलियों में न तो शेड की व्यवस्था है और मैट भी अपर्याप्त है। यही हाल मंदिर की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों का है। सदर बाजार, न्यू वीआईपी मार्ग पर सीढ़ी पर टेढ़े-मेड़े बिछे मैट के बावजूद पानी का छिड़काव न होने से श्रद्धावानों का पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। नंगे पैर श्रद्धालुओं के साथ छोटे-छोटे बच्चे तपते पत्थरों पर दौड़ लगाते देखे जा सकते हैं। परिक्रमा पथ का ज्यादा हिस्सा बिना शेड का है और मैट तक नहीं बिछा है।
मां विंध्यवासिनी मंदिर की सीढि़यों तक दो पहिया पार्किंग
- विंध्य कारिडोर के तहत सभी गलियों को चौड़ा किया गया था ताकि दर्शनार्थियों को पैदल आवागमन में आसानी हो। इस समय प्रशासनिक उपेक्षा के चलते लगभग सभी मार्ग अस्थायी वाहन पार्किंग सरीखे हो गए हैं। मंदिर की सीढि़यों तक बाइक बेरोकटोक पहुंच जा रही है। सुबह शाम तो इस कदर बाइकों का मेला लग जाता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।