राजगढ़। तालर गांव में वन विभाग की ओर से मकान गिराने के मामले की जांच करने बृहस्पतिवार को न्यायाधीशों की टीम जांच करने पहुंची। उच्च न्यायालय के निर्देश पर अपर जनपद न्यायाधीश के नेतृत्व में राजस्व, वन और पुलिस टीम ने मड़िहान तहसील में अभिलेखों की भी जांच की।
क्षेत्र के तालर गांव निवासी राम नरेश कोल ने उच्च न्यायालय में वाद दाखिल कर सुकृत जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 25 घरों को गिराने और वन विभाग की जमीन खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद वन विभाग ने सीमांकन करा कर मकानों को गिरा दिया था।
इसके विरोध में फूलवती, खिचंदू, दयाराम, श्यामलाल, छोटेलाल, सोमारी, राम प्रसाद आदि ने मड़िहान तहसील पर धरना प्रदर्शन किया था। डीएम प्रियंका निरंजन ने तहसीलदार चुनार संजीव कुमार से मामले की जांच कराकर उच्च न्यायालय को रिपोर्ट भेची थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों से जांच कराने का आदेश दिया।
बृहस्पतिवार को अपर जनपद न्यायाधीश विनय आर्या, ग्राम न्यायालय जज मड़िहान प्रीति द्वितीय, एसडीएम मड़िहान सौम्या मिश्रा, एसडीएम लालगंज युगांधर त्रिपाठी, तहसीलदार मड़िहान और वन विभाग की टीम तालर गांव पहुंची। जमीन में हटाए गए कब्जे को देखा और सीमांकन कराया। जिनके मकान गिराए गए थे, मड़िहान तहसील में उनका रिकार्ड खंगाला।
अपर जनपद न्यायाधीश विनय आर्या ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर वन विभाग की जमीन पर कब्जे की जांच करने आए हैं।