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Mirzapur News: पीपा पुल का एक हिस्सा बहा, दो दर्जन गांवों के बीच संपर्क टूटा

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जिगना। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पर बने पीपा पुल का एक हिस्सा सोमवार की रात बह गया। इस दौरान श्रद्धालु पुल से गुजर रहे थे लेकिन किसी को कोई हानि नहीं हुई। पुल टूटने से 24 से ज्यादा गांवों के बीच संपर्क टूट गया है।
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मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पर गंगा नदी की धारा तेज होने के कारण पीपा पुल दो भागों में बनाया गया है। सोमवार की रात गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सीतामढ़ी की तरफ से पीपा की जगह लगीं बालू की बोरियां और चकर प्लेट बह गईं। सीतामढ़ी की तरफ डेढ़ सौ मीटर बालू की बोरियां, लकड़ी और चकरप्लेट रख कर पुल तक रास्ता बनाया गया था। जबकि मिश्रपुर घाट से रेत तक करीब छह सौ मीटर पीपा से पुल बना है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बंद कर दिया गया है।
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अब सीतामढ़ी जाने के लिए लगाना पड़ेगा 50 किमी का चक्कर

पीपा पुल क्षतिग्रस्त होने से 24 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं, सीतामढ़ी जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की 50 किमी का चक्कर काटना पड़ेगा। पुल टूटने से मिश्रपुर, बसेवराकला, खैरा, गोगाव, नगवासी दुगौली, घुघुटी, डंगहर, कोलेपुर, सीतामढी, बारीपुर, कोईरौना, कटरा, बरौत, दीघ समेत 24 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। चर्चा रही कि पीपा के अभाव में अधिकारियों ने बालू भरी बोरियां और उन पर चकरप्लेट रखवाकर आवागमन चालू करा दिया था। दिन में घटना होती तो बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते थे।
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पुल की मरम्मत में दो दिन लगेंगे

पुल की मरम्मत में अभी दो दिन का समय और लगेगा। अवर अभियंता बीसी राम ने बताया कि पुल के बीच में मिश्रपुर की तरफ के चकर प्लेट पर पानी आ गया है। मरम्मत करने में दो दिन का समय लगेगा। तब तक आवागमन बंद रहेगा।

गंगा में गिरे गर्डर, स्लीपर और चकर प्लेट
सीतामढ़ी (भदोही)। जिले के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी और मिर्जापुर के मिश्रपुर घाट पर पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल को जोड़ने वाले गर्डर, चकर प्लेट, स्लीपर और सुरक्षा वाॅल भरभराकर गंगा में गिर गई। इससे करीब 10 से 15 मीटर पीपा पुल टूट गया है। गंगा में बल्ली लगाकर पीपे तक सड़क का निर्माण किया गया था। गंगा का जलस्तर बढ़ने और प्रवाह तेज होने से पानी में गाड़ी गईं बल्लियां धंसने लगीं। इससे चकर प्लेट, स्लीपर, गर्डर आदि भरभराकर पानी में गिर गए। पीडब्ल्यूडी ने दो नौकाओं का संचालन शुरू करा दिया है। लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर के अवर अभियंता बीसी राम ने कहा कि गंगा का जलस्तर में बढ़ने के कारण बहाव तेज हो गया है। इससे पानी में गाड़ी गई बल्लियां धंस गईं, जिससे पुल को जोड़ने वाले गर्डर टूटकर पानी में गिर गए। संवाद



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अब सीतामढ़ी जाने के लिए लगाना पड़ेगा 50 किमी का चक्कर
पीपा पुल क्षतिग्रस्त होने से 24 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं, सीतामढ़ी जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की 50 किमी का चक्कर काटना पड़ेगा। पुल टूटने से मिश्रपुर, बसेवराकला, खैरा, गोगाव, नगवासी दुगौली, घुघुटी, डंगहर, कोलेपुर, सीतामढी, बारीपुर, कोईरौना, कटरा, बरौत, दीघ समेत 24 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। चर्चा रही कि पीपा के अभाव में अधिकारियों ने बालू भरी बोरियां और उन पर चकरप्लेट रखवाकर आवागमन चालू करा दिया था। दिन में घटना होती तो बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते थे।

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पुल की मरम्मत में दो दिन लगेंगे
पुल की मरम्मत में अभी दो दिन का समय और लगेगा। अवर अभियंता बीसी राम ने बताया कि पुल के बीच में मिश्रपुर की तरफ के चकर प्लेट पर पानी आ गया है। मरम्मत करने में दो दिन का समय लगेगा। तब तक आवागमन बंद रहेगा।
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