मिर्जापुर। जिले में बिजली निगम का अजब हाल है। कहीं मीटर रीडिंग ही नहीं हो रही है और कहीं मामूली बिल बकाया होने पर बिजली काट दी जा रही है तो बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई ही नहीं की जा रही। यही नहीं, कनेक्शन काटने के बाद भी लाइनमैन की मिलीभगत से लोग बिजली जला रहे हैं।
हलिया के सोठियां कला में ऐसा ही मामला हुआ है। यहां 400 रुपये का बिल बकाया होने पर एक उपभोक्ता की बिजली काट दी गई जबकि इसी गांव में 80 हजार रुपये के बकाएदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह धड़ल्ले से बिजली जला रहा है। आरोप है कि 2014 से उसके मीटर की रीडिंग ही नहीं की गई थी। कनेक्शन कटने पर उपभोक्ता ने उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की। फिलहाल उस उपभोक्ता की लाइन जुड़वाकर मीटर रीडर के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
इसी प्रकार छानबे विकास खंड के नेगुरा रिबई सिंह गांव में दो लोगों के कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए थे। इसके बाद लाइनमैन और अवर अभियंता की मिलीभगत से बिजली का उपभोग कर रहे थे। जब जांच हुई तो पता चला कि गांव में छह उपभोक्ताओं पर सात लाख रुपये का बकाया था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया ने बताया कि सोंठिया कला के मामले में मीटर रीडर को वहां से हटाकर जिला कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दो उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही अवर अभियंता को निंदा प्रवष्टि देकर लाइनमैन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट-
1.30 लाख उपभोक्ताओं पर बकाया है 1000 करोड़
मिर्जापुर। जिले के 2,82,000 उपभोक्ताओंं में से 1,30,000 पर 1000 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इनमें से 3866 बकाएदार सरकारी विभाग हैं, जिन पर 83 करोड़ रुपये का बकाया है। वहीं, घरेलू सहित अन्य श्रेणियों के 1,26,134 उपभोक्ताओं पर 917 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। विद्युत वितरण मंडल मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया ने बताया कि बकाया बिल की वसूली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संवाद