पाॅपुलर अस्पताल को सीएमओ ने दी चेतावनी- पांच दिन में व्यवस्था सुधारें नहीं करेंगे सीज
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। नगर के नटवां स्थित पापुलर अस्पताल में मरीज को बंधक बनाकर पैसा वसूलने की शिकायत की जांच करने के बाद अस्पताल में कमियां मिलने पर सीएमओ डॉ सीएल वर्मा ने अस्पताल प्रशासन को पांच दिनों का समय दिया है। कहा है कि अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त करें या फिर मरीज को दूसरे जगह शिफ्ट करें। पांच दिन बाद व्यवस्था सही न मिलने पर अस्पताल को सीज किया जाएगा।
हलिया थाना क्षेत्र के अहुगी कला निवासी अपना दल एस के जोन अध्यक्ष शिव नरायण पटेल ने सीएमओ को शिकायत कर बताया कि उनको हल्का बुखार आया था। 75 हजार का बिल बनाया गया। कार्ड देने पर 55 हजार रुपये काटे गए। बाद में कार्ड स्वीकार न होना बताकर उनको बंधक बना लिया गया। सीएमओ डॉ. सीएल वर्मा ने बताया कि शिव नरायण पटेल ने शिकायत की थी बुखार का इलाज करने के नाम पर 75 हजार का बिल बनाया और बंधक बनाया। जांच की गई। अस्पताल प्रशासन को कई बार नोटिस जारी किया गया। इलाज करने वाले डाक्टर को बयान के लिए भेजने के लिए नोटिस जारी किया गया पर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि डाक्टर ने त्याग पत्र दे दिया। डाक्टर को प्रस्तुत नहीं कर सके। मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण समेत अन्य विवरण मांगा गया। जो सूचना उपलब्ध कराया गया। वह अपूर्ण और भ्रामक पाया गया। चिकित्सालय के नवीनीकरण के संबंध में जिलाधिकारी के यहां प्रस्तुत आवेदन पर उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र और नोडल अधिकारी द्वारा चिकित्सालय की जांच की गई। जांच में पाया गया कि चिकित्सालय पैनल में 16 पूर्णकालिक चिकित्सक लगाए गए हैं। मौके पर केवल पांच चिकित्सक पाए गए। 60 नर्सिंग स्टाफ के सापेक्ष छह नर्सिंग स्टाफ ही थी। एईआरबी की एनओसी पापुलर मेडिकेयर लिमिटेड के नाम से हुआ है। डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए एनओसी नहीं है। नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी चिकित्सालय में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के दौरान रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं थे। अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन निरामया डायग्नोस्टिक सेंटर और पैथोलॉजी के नाम से किया जा रहा है, जबकि निरामया डायग्नोस्टिक सेंटर सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत ही नहीं है। सेंटर अवैध ढंग से बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया। जिलाधिकारी के आदेश व जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर पांच दिन का अवसर प्रदान करते हुए निर्देशित किया जाता है कि तत्काल चिकित्सालय में भर्ती मरीज को किसी अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करना सुनिश्चित करें। जिससे चिकित्सालय को सीज करते समय मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।