नगर पालिका परिषद बिलरियागंज में 12 नहीं अब सात एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। जल निगम ने 49.66 करोड़ का संशोधित डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू होगा।
बिलरियागंज को नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रफल और आबादी दोनों बढ़ गई है। इसमें 60 से अधिक राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। पालिका में शामिल गांवों के लोगों को पालिका प्रशासन शहरी सुविधा मुहैया कराने का प्रयास ताे कर रहा है लेकिन वहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने से कस्बे से प्रतिदिन निकलने वाले गंदा पानी के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका आजमगढ़ में 42 करोड़ की लागत से एसटीपी बन चुका है। जल निगम ने बिलरियागंज में भी एसटीपी बनाने के लिए राजस्व विभाग से सरकारी जमीन की मांग की थी। जमीन मिलने के बाद जल निगम ने पहली बार 12 एमएलडी का एसटीपी की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन शासन के निर्देश पर फिर रिवाइज डीपीआर भेजा गया। निगम के अधिशासी अभियंता जियाउल हक ने बताया कि रिवाइज के बाद 49.66 करोड़ का फाइनल डीपीआर बनाकर शासन को भेज दिया गया है। डीपीआर में सात एमएलडी का एसटीपी बनाने, दो बड़े नालों को टैप किए जाने और एक मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस), एक इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) के काम का जिक्र है। इसके अलावा 1.53 किमी राइजिंग मेन और 5.27 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। फाइनल डीपीआर शासन को भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा।