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नीलांचल से टकराई भैंस,बोगी बेपटरी

Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
Mirzapur
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मिर्जापुर। जगन्नाथ पुरी से नई दिल्ली को जा रही नंदन कानन एक्सप्रेस शुक्रवार की सुबह लगभग सात बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य मार्ग की अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन लगभग चार घंटे तक ठप रहा। पूर्वाह्न ग्यारह बजे अप लाइन पर परिचालन बहाल हुआ तो पहली ट्रेन नंदन कानन ही दुर्घटनास्थल से गुजारी गई। बताया गया कि घटना मिर्जापुर-विंध्याचल रेलवे स्टेशन के बीच खंभा नंबर 737/19 पर हुई और ट्रेन करीब एक किलोमीटर आगे निकलकर खंभा नंबर 737/21 पर जाकर रुकी। इस दौरान ट्रेन के इंजन से दूसरी बोगी (जनरल बोगी) पटरी से उतर गई। इस वाकये से यात्रियों में हड़कंप मच गया और कई यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से बाहर छलांग लगा दी जिससे वह मामूली रूप से घायल हो गए।
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शुक्रवार को एक बार फिर रेलवे की लापरवाही से सैकड़ों यात्रियों की जान संकट में फंस गई थी। यह तो संयोग ही था कि हादसा बड़ा नहीं हुआ और सभी यात्री बाल-बाल बच गए। पुरी से नई दिल्ली को जा रही 2815 अप नंदन कानन एक्सप्रेस (नीलांचल का परिवर्तित नाम) मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह करीब 6.50 पर पहुंची थी। यहां से ट्रेन सुबह 6.55 पर इलाहाबाद के लिए रवाना हुई तो पांच मिनट के अंदर ही वह विंध्याचल रेलवे स्टेशन से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कहा जा रहा है कि मिर्जापुर-विंध्याचल रेलवे स्टेशन के बीच सबरी रेलवे फाटक पार करते ही एक भैंस ट्रेन के इंजन से टकराते हुए इंजन से दूसरी बोगी के नीचे आकर फंस गई। चालक ने ट्रेन को नहीं रोका। इस बीच साधारण बोगी के आगे का दोनों पहिया पटरी से नीचे उतर कर करीब एक किलोमीटर तक घसीटता चला गया। इससे करीब पांच सौ स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। ट्रेन के बेपटरी होते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। बोगी के अंदर कई यात्री तो चोटहिल हुए ही, वहीं बोगी के बाहर भी कुछ यात्री जान बचाने के लिए कूद गए। इस बीच किसी यात्री ने चेनपुलिंग कर दी और ट्रेन नटवां पुल से पहले गीता स्वामी आश्रम के सामने जाकर रुक गई।
अप लाइन पर ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर लगते ही इस लाइन पर चल रही अन्य ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोक दिया गया। मुगलसराय, जिवनाथपुर, चुनार, पहाड़ा, झिंगुरा व मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर अप लाइन की ट्रेनों को खड़ी करा दिया गया। करीब दो घंटे बाद पूर्वाहन नौ बजे डीआरएम हरेंद्र राव, अभियंताओं समेत अफसरों की फौज के साथ स्पेशल ट्रेन से मौके पर पहुंचे। डीआरएम के आगमन के आधे घंटे बाद 9.35 पर दुर्घटना राहत ट्रेन (टूल वैन) के साथ अन्य रेलकर्मी इलाहाबाद से पहुंचे। इसके बाद युद्ध स्तर पर काम शुरू हुआ और पौने ग्यारह बजे तक बेपटरी हुए डिब्बे को वापस पटरी पर लाकर उसे मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी कर दिया गया। इससे पहले सवारियों से भरे अन्य डिब्बों को भी मिर्जापुर स्टेशन पर भेज दिया गया था। इस दौरान करीब चार घंटे तक यात्री परेशान रहे और प्लेटफार्म पर चहल कदमी करते रहे।
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डीआरएम के साथ ही सीएमआई राम नगीना, एसीएम भटनागर, सीआईटी ए.के.सिंह, इंजीनियरिंग विभाग, ट्रैक मैन व चेकिंग स्टाफ के साथ ही आरपीएफ के कंपनी कमांडर सीएस तोमर व उनके जवान सक्रिय रहे।
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