मिर्जापुर। नगर के डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल का नाम अब लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में दर्ज होगा। स्कूल की 844 छात्राओं ने एक समूह में मदर टेरेसा की वेशभूषा में मदर टेेरेसा को श्रद्धांजलि अर्पित की। नई दिल्ली से आए लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स के अधिकारियों के समक्ष बालिकाओं ने कतारबद्ध खड़े होकर भावपूर्ण प्रदर्शन किया। इस अवसर पर छात्राओं ने रैली निकालकर महिला सशक्तिकरण पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान गुब्बारे छोड़ एवं शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाकर विश्व शांति का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स के मार्केटिंग मैनेजर वीवी आर मूर्ति ने दीप प्रज्ज्वलित कर महारैली को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 के लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में स्कूल का नाम दर्ज होगा।
डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल परिसर में बुधवार को प्रेम, करुणा और ममता की मूर्ति मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि सभा के साथ ही महारैली का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी से लेकर कक्षा बारह तक की छात्राएं मदर टेरेसा के वेश में शामिल हुईं। नीले बार्डर की सफेद साड़ी पहनी इन बालिकाओं के चेहरों पर मदर टेरेसा के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव साफ तौर पर दिखाई पड़ रहा था। ड्रम की आवाज के साथ कदम से कदम मिलाती छोटी-बड़ी लड़कियां स्कूल के ग्राउंड पर आकर खड़ी हुईं तो अंग्रेजी में लिखे मदर ब्लिस का आकार बन गया था। ग्राउंड पर एक नहीं, दो नहीं, दस-बीस नहीं, पूरी आठ सौ चौवालिस मदर टेरेसा एक साथ धरती पर उतर आई थीं।
स्कूल से निकली 844 छात्राओं की रैली विंध्याचल मार्ग स्थित ओझला पुल से होते हुए पुन: विद्यालय परिसर पर आकर समाप्त हो गई। रैली में शामिल लड़कियां महिला सशक्तिकरण संदेश के नारे लगाते हुए चल रही थीं। रैली में स्काउट के बच्चों सहित विद्यालय के सभी अध्यापक और अध्यापिकाओं ने भी बड़े जोश और उत्साह से अपनी सहभागिता दिखाई। इस अवसर पर मदर टेरेसा बनी लड़कियों ने करीब दो सौ ग्रामीण गरीब महिलाओं को साड़ी एवं बच्चों को पठन सामग्री सहित अन्य उपहार भेंट किए गए । रैली के पूर्व स्कूल परिसर का वातावरण ममतामयी हो गया था। ग्राउंड पर प्रार्थना की मधुर धुन के बीच माहौल में अजब की शांति थी तथा लड़कियों के चेहरों पर सात्विक भाव झलक रहे थे। इस अवसर पर डैफोडिल्स स्कूल के डायरेक्टर अमरदीप सिंह एवं अपराजिता सिंह ने कहा कि इस आयोजन ने निश्चय ही आने वाले समय में मदर टेरेसा के कार्यों और उनकी शिक्षा के प्रति उसी भाव से काम करने वाली र्कई और मदर टेरेसा तैयार करने की भूमिका अदा की है।