राजगढ़। चुनार से चोपन रूट पर कई मानवरहित रेलवे क्रासिंग हैं। जिन पर गार्ड की तैनाती करने के लिए रेलवे विभाग द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे रेेलवे क्रासिंग पर अक्सर दुर्घटना होती रहती है, जिसमें जान-माल दोनाें की क्षति होती है। मामले की शिकायत रेलवे से कई बार की जा चुकी है, लेकिन कोई पहल नहीं हुई। कुछ क्रासिंगों पर होमगार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन रात में वह भी नहीं रहते।
चुनार से चोपन तक नुनौनी, पतार, जवगढ़, सरसाें, छह नंबर फाटक, लूसा, पोखरौंध, हिनौता, रामपुर 38, धनसिरिया, भगवानपुर, सतौहा, सोनवर्षा तथा सोनभद्र, टिकुरिया, मदैनिया, कर्मा, टाढ़ी रेलवे क्रासिंग शामिल है, जिस पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हादसे में सरकारी तथा निजी संपत्ति का नुकसान होना आम बात है। मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर सुरक्षकर्मी तैनात न करने के चलतेे उत्तर-मध्य रेलवे के मिर्जापुर मुगलसराय तथा चुनार-चोपन रूट पर स्थित रेलवे क्रासिंग पर आए दिन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं। बताते चलें कि 10 नवंबर की रात चुनार-चोपन रूट पर स्थित विश्वनाथ पुरी रेलवे स्टेशन के पास स्थित मानवरहित रेलवे क्रासिंग से एक ट्रक लाइन पार करते समय मूरी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया था। ट्रक के साथ ट्रेन का इंजन भी क्षतिग्रस्त होकर पटरी से उतर गया। इससे करीब दस घंटे तक रेल परिचालन भी ठप रहा। जुलाई में चुनार रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रैक्टर लाइन पार करते समय किसी ट्रेन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था। किसी की जान नहीं गई।