चुनार। तहसील के 47 लेखपालों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से न करने और हर कार्य को मनमाने तरीके से करने के आरोप में एसडीएम ने सभी को दंडित करते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मचा है।
तहसील प्रशासन का आरोप है कि लेखपाल अपना मोबाइल स्विच आफ रखते हैं और अपने क्षेत्र में नहीं जाते। कार्य मनमाने तरीके से करते हैं। जिसकी शिकायत लगातार मिल रही थी। आरोप सही पाए जाने पर लेखपालों के विरूद्ध एक साथ कार्यवाई करते हुए उनसे जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा गंभीर आरोप मिलने पर 15 लेखपालों के एक दिन के वेतन कटौती की संस्तुति जिलाधिकारी व कोषाधिकारी से की है।
एसडीएम अशोक कनौजिया ने बताया कि लेखपाल न तो निर्धारित क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे और न ही रात्रि निवास। चेतावनी के बाद भी कोई असर न होने पर उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई।
एसडीएम ने बताया कि तहसील के राजस्व गांव जाफरखानी, अमदहा, बगही, खैरूद्वीनपुर, बगही, भौंरही, धारा, मेड़िया, धनैता, कुशंहा, जंगलमहाल, पटिहटा, पौनी, खानजादीपुर, नुआंव, जमुहार, कोकदरा, बहुआर के लेखपालों पर आरोप है कि वह अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं थे।
ग्राम बरबकपुर, सरिया, पथरौरा, जलालपुर माफी, प्रतापपुर, भोपती, पचेंगड़ा, भदावल, मड़हुआ, डोहरी, खजरौल, छीतकपुर, बनइमलिया, भगौती देई के लेखपालों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा ग्राम दौलताबाद, गांगपुर, कैलहट, बंगला, कोलना,, नियामतपुरकला, बरेवा, रानीपुर, गौरी, मदनपुरा, भभौरा, पिड़खिड़, सिकिंया, खानपुर और बंगहा के लेखपालों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन सभी को तयशुदा समय में स्पष्टीकरण दे देना है।