मिर्जापुर। जिले में गंगा का जलस्तर एक बार स्थिर तो हो गया है, लेकिन रविवार को नरौरा और पारीक्षा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की आशंका एक बार फिर मंडराने लगी है। पिछले पांच दिन से जिले के सैकड़ाें गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कंट्रोल रूम से जो सूचनाएं मिल रही हैं उसके मुताबिक रविवार को अलीगढ़ मंडल के नरौरा और झांसी के पारीक्षा बांध से करीब एक-एक लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। सोमवार को पानी गंगा में आ गया तो तटवर्ती इलाकों में और भी भयावह स्थिति होगी।
रविवार की सुबह अलीगढ़ मंडल के नरौरा बांध से एक लाख, दस हजार, 795 क्यूसेक और झांसी मंडल के पारीक्षा बांध से एक लाख छह हजार, 800 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे आशंका जतायी जा रही है कि सोमवार तक बंधों के पानी का कहर जिले में दिखाई पड़ने लगेगा। जिला प्रशासन ने एक बार पुन: बाढ़ की आशंका को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के गंावाें के लोगाें को सतर्क रहने की सूचना जारी कर दी है, वहीं किसी प्रकार के हादसे को टालने के लिए बाढ़ चौकियों को मोटरबोट व अन्य संसाधनों के साथ सावधान रहने की हिदायत दी गई है। अभी तक जनपद के छानबे, कोन, सीखड़, मझवां, चुनार, नरायनपुर एवं सिटी ब्लाक के सौ से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ के चलते करीब आधा दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है तथा सैकड़ों लोगों के घर गंगा में समाहित होने से ग्रामीण बेघर हो चुके हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के समक्ष रहने व खाने के साथ ही अपने मवेशियों के चारे की चिंता सता रही है। जो लोग बाढ़ में फंस चुके हैं, उनके समक्ष दो जून की रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। बाढ़ के चलते जहां मार्गों पर आवागमन अवरुद्ध हो गया है, वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य एवं राहत कार्य बाधित है।