मिर्जापुर। मुहर्रम पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी या हुसेन की सदाओं के साथ गमगीन माहौल में ताजिये कर्बला में दफ्न किए गए। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
छानबे: विजयपुर सहित मिश्रपुर, गोडसर सरपत्ती, अकोढी, विहसडा, नरोइया, जरैला, भावा, हरगढ, नौगांव, चितौली, पकरी, कोलेपुर, मिश्रपुर, सेमरी, बाबू सर्रोई, जासा बघौरा, बिरोही, काशी सरपत्ती, खम्हरिया कला, गोंगाव, नीबी गहरवार, गौरा, जोपा सहित 42 ताजिये कर्बला मे दफ्न किए गए। जिगना क्षेत्र में 23, गैपुरा क्षेत्र में नौ तथा छानबे क्षेत्र के नौ ताजिये विंध्याचल क्षेत्र में दफ्न किए गए। मड़िहान: क्षेत्र के 31 ताजिये कर्बला में दफन हुए। इस दौरान कड़ी सुरक्षा रही। एसडीएम साविता यादव के नेतृत्व में पुलिस चक्रमण करती रही। क्षेत्र के मड़िहान, रामपुर बनकी, गोपालपुर, बसही, रजौहा, दारानगर, देवपुरा, भांवा, कुंदरूफ, राजगढ़ आदि गांवों में चौक पर ताजिया रखी गई थी। शुक्रवार की दोपहर मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद ताजिये कर्बला में दफन किया गया। सीखड़ : क्षेत्र के खैरा सहित फुलहा, डोमनपुर, बगहा, हासीपुर, पाहो, धनैता आदि गांवों के ताजिए खैरा स्थित करबला में दफ्न किए गए। कुशहा, अदलपुरा, रूदौली, रामगढ़ व सीखढ़ गांव में ताजिया दफनाए गए। अदलहाट : क्षेत्र के गरौड़ी सहित पथरौरा, श्रुतिहार, खरकां, नेवांदा, पौनी, भाओपुर, धोबही, जफराबाद, सुरहां, अल्हौआ, अमदहा, कौड़िया, परोरा, भुईली खास, देवलासी, भलवा, कोल्हुआ, बेगपुर, असरफाबाद, खिरौड़ी, रसूलपुर, बरेंव, समदपुर, खजुरौल, नैठी, हांसापुर, भरुहिया समेत 49 गांवों के 89 ताजिये दफ्न किए गए। गरौड़ी, भुइली खास, बरईपुर, छोटा मिर्जापुर व शिया समुदाय के लोग नैठी कर्बला में ताजिये दफन किए। चुनार : ताजिये निर्धारित मार्गो से होते हुए कोतवाली चौराहे पर पहुंचे। क्षेत्र की कदम रसूल ताजिया के आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद ताजियों को कर्बला ले जाकर दफनाया गया। इसमें शामिल विभिन्न अखाड़ों के लोगोें ने करतब दिखाए।