मिर्जापुर। पथरहिया स्थित विकास भवन में ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति की बैठक शनिवार को हुई। जिसमें मनरेगा योजना के क्रियान्वयन सहित अन्य कार्यों में आ रही परेशानी पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चयन ग्राम पंचायत से प्रस्तावित करने के बाद ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम बना कर किया जाए। बैठक में बीडीओ द्वारा ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन रोके जाने पर नाराजगी जताया गया।
उन्होंने मनरेगा योजना में आ रही परेशानी पर विस्तार से चर्चा किया। कहा कि श्रमिकों द्वारा कम मात्रा में कार्य करना, श्रमिकों की मजदूरी का अत्यधिक समय से लंबित है, जिससे परेशानी हो रही है। वहीं वर्ष 2007 से 2010 तक के मनरेगा कार्यों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का भुगतान नही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सात रजिस्टरों के संबंध में अधिकतर कर्मचारियों को जानकारी ही नही है। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अक्षैबर नाथ यादव ने कहा कि कई ब्लॉकों में कागज और प्रिंटर की कमी के चलते मस्टर रोल निकालने में परेशानी हो रही है। तकनीकी सहायकों से सही तालमेल नही होने के कारण एमबी नही हो पाता है। जिससे तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति, मस्टर रोल निर्गत करने, मस्टर रोल जमा करने आदि कार्यों में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा िक विकास खंड कोन में एनआरएम के तहत कार्य होने है, इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने की बजाए ग्राम पंचायत सचिवों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लॉकों में साप्ताहिक बैठक का दिन निर्धारित किया जाए, प्रत्येक दिन बैठक होने से परेशानी होती है। इस दौरान अखिलेश श्रीवास्तव, पियूष दूबे, राजाराम, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, विनोद मिश्रा, मुकेश मिश्र और राजेश गौतम आदि ने विचार व्यक्त किया।