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Mirzapur News: सचिवों-कर्मचारियों की हड़ताल से 86 सहकारी समितियों पर लटके ताले

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छानबे क्षेत्र में गैपुरा समिति पर लटक रहा ताला।- संवाद। - फोटो : shiv tripathi
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- कमीशन व्यवस्था समाप्त कर वेतन देने की मांग के लिए कर्मचारी कर रहे कार्य बहिष्कार
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- किसानों को ऊंचे दामों पर बाजार से खाद खरीदने की मजबूरी, बोआई प्रभावित होने की आशंका
मिर्जापुर। सचिवों और कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले की 86 साधन सहकारी समितियों पर ताले लटक गए हैं। इससे रबी की फसलों की बोआई के लिए खाद-बीज का इंतजाम करने में किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि हड़ताल जल्द वापस नहीं हुई तो संकट गहरा सकता है।
नगर क्षेत्र में राजपुर, घुरहूपट्टी और समोगरा समेत कई समितियों पर ताला लटका है। पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भी समितियों पर तालाबंदी से किसान परेशान हैं। साधन समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दुबे और महामंत्री श्यामनारायण सिंह ने बताया कि कमीशन व्यवस्था समाप्त कर वेतन देने की मांग के लिए आंदोलन शुरू किया गया है। मांगें पूरी होने तक लखनऊ के यूको पार्क में कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कमीशन व्यवस्था समाप्त कर उन्हें पूर्व की तरह राज्यकोष से वेतन दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक खाद-बीज का उठान और वितरण नहीं किया जाएगा। शेरवां साधन सहकारी समिति चौकियां के सचिव नागेंद्र सिंह ने बताया कि समितियों के सचिव और अन्य कर्मचारी वेतन संबंधी मांगें लगातार शासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
सक्तेशगढ़ में धान की बिक्री का समय आ गया है, लेकिन क्रय केंद्र पर ताला लटका होने से किसान अपनी उपज बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। वहीं, सरसों की बोआई का समय शुरू होने से किसानों की उर्वरक के लिए चिंता बढ़ गई है। साधन सहकारी समितियों पर ताले लटके होने के बीच किसान सरसों, मटर, चना, धनिया, लहसुन और आलू की बोआई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी चली तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
किसानों ने बताई खाद की समस्या
छानबे क्षेत्र में दो दिन से साधन सहकारी समितियों पर सचिवों की हड़ताल से तालाबंदी है। इससे किसानों के सामने खाद की समस्या खड़ी हो गई है। मौका देखकर बाजार में भी ऊंचे दामों पर खाद की बिक्री शुरू हो गई है।
-बच्चालाल बिंद, बरहाखुर्द, छानबे

समिति के सचिव वेतन बढ़ाने की मांग के लिए हड़ताल पर हैं। तालाबंदी से समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। इस समय सरसों, अलसी, मसूर और चने की खेती प्रभावित हो रही है। मजबूरी में दुकानदारों से ऊंचे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है।
-सोनू सिंह गुर्जर, किसान, नदना, हलिया
समितियों पर उर्वरक उपलब्ध है, लेकिन तालाबंदी से किसानों को वितरण नहीं हो रहा है। सचिवों की हड़ताल ज्यादा दिन तक चली तो उर्वरक की समस्या खड़ी हो सकती है।
-उमेशचंद द्विवेदी, किसान, शेरवां

समितियों पर सचिवों की हड़ताल का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। इस समय चना, मटर, मसूर और आलू की बोआई का सीजन है। आगे गेहूं की बोआई होगी। हड़ताल खत्म नहीं हुई तो उर्वरक के अभाव में बोआई बाधित होगी।
-रामजतन मौर्य, किसान, जमालपुर
अधिकारियों का पक्ष
समितियों पर पर्याप्त उर्वरक है। कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल की जानकारी शासन को भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारी काम पर लौटेंगे। खाद-बीज के लिए परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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-अमित कुमार पांडेय, एआर कोऑपरेटिव

छानबे क्षेत्र में गैपुरा समिति पर लटक रहा ताला।- संवाद।- फोटो : shiv tripathi

छानबे क्षेत्र में गैपुरा समिति पर लटक रहा ताला।- संवाद।- फोटो : shiv tripathi

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