सात मई से रमजान का पवित्र माह शुरू हो रहा है। पहला रोजा सात मई को है। रोजे के लिए रोजेदारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं बाजार में भी रोजे से संबंधित सामानों की आवक शुरू हो गई है। दुकानदार भी अपनी दुकानें सजा रहे हैं।
रमजान में सहरी व इफ्तार का समय निर्धारित होता है। इस वजह से पूरे महीने रोजा रखने वाले अपनी जरूरत का सामान पहले से ही तैयार रखते हैं। आमतौर पर रोजा के लिए चना व खजूर का फल उपयोगी माना जाता है। रोजा खोलने के लिए इन्हीं खाद्य पदार्थों का बहुतायत से प्रयोग किया जाता है। इसके लिए दुकानदारों ने दुकानें सजाना शुरू कर दिया है। विभिन्न प्रकार की सेवईयां व खजूर के बंद पैकेटों के साथ तरह- तरह के मेवे दुकानों पर सजे हुए हैं। नगर के वासलीगंज, घंटाघर, बसनहीं बाजार आदि जगहों पर सेवईयों की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। चारो ओर गहमागहमी शुरु हो गई है। इसके साथ ही कपड़ा, जूते- चप्पल और रेडीमेड कपड़ों की भी अस्थायी दुकानें सड़क की पटरियों पर सज गई हैं। मदरसा अरबिया के प्रधानाचार्य मौलाना नजम अली ने बताया कि पहला रोजा सात मई को पड़ रहा है और 30 वां रोजा पांच जून को होगा।