मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी की ओर से लोहिया ट्रस्ट स्थित पार्टी कार्यालय पर रविवार को समाजवादी पार्टी संस्थापक सदस्य जनेश्वर मिश्र की जयंती मनाई गई। इस दौरान पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष आशीष यादव के नेतृत्व में उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुए उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले जनेश्वर मिश्र ने अपने त्याग, संघर्ष के बल पर देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि 1953 में स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्व विद्यालय में प्रवेश लिया। उस समय गांधी जी की हत्या के कारण राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रति देश में भारी आक्रोश था। उसी समय संघ प्रमुख माधव राव सदाशिव गोलवरकर की सभा इलाहाबाद विश्व विद्यालय में होनी थी लेकिन जनेश्वर मिश्र ने अपने साथी चंद्रशेखर, पंचानन राय व पदाकर श्रीवास्तव एवं विश्व विद्यालय के छात्रों के साथ विरोध कर सभा नहीं होने दी। वरिष्ठ समाजवादी विचारक अरुण कुमार दुबे ने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने अपने जीवन के अंतिम समय तक सड़कों पर उतर कर अन्याय, अत्याचार व शोषण के खिलाफ संघर्ष किया था। आयोजित गोष्ठी में सुरेन्द्र सिंह पटेल, विजय बाबू मिश्र, देवी प्रसाद चौधरी, कृपाशंकर यादव, स्वामीशरण दुबे, राजू चौबे, नूरबानो, नसीम कुरैशी, राज कुमार, सोना, नवीन यादव, इलियास, जाफरुद्दीन, विंध्यवासिनी सिंह, जगदीश्वर सिंह, लालचंद सोनकर, दिनेश, आनन्द बिन्द, राज कुमार यादव, बालकृष्ण कसेरा, दरोगा यादव, धाकड़ सिंह आदि मौजूद रहे।