मिर्जापुर। जसोवर पहाड़ी के नूरी नगर में सिपाही बाबा के सालाना उर्स पर पहले दिन बड़ी संख्या में अकीकदमंदों ने मत्था टेका और चादर चढ़ाई। कौमी एकता के प्रतीक सालाना उर्स में हिंदू और मुसलमानों ने हिस्सा लेकर मन्नतें मांगी।
सालाना उर्स में नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। शायरों ने कलाम पेश किया। दिल्ली से आए जुनैद रजा ने मेंरे सिपाही बाबा दो हमको सहारा, तुम बिन नहीं कोई दूजा सहारा.. सुनाया। इलाहाबाद के फैज अहमद हबीबी ने कहा कि आ दिन में तुझे रख लूं, ए नरगिसे मस्ताना.. प्रस्तुत किया। फैयाज, खुर्शीद, हाफिज एजाज, हाफिज रियाज ने नातिया मुशायरा पेश किया। उर्स में डा बी यू अंसारी, मास्टर इश्तियाक, नूर हसन, डा मुमताज, मो हसन, टीपू, कुरबान मुजाहिर, कलीम नूरी, नन्हे भाई आदि मौजूद रहे।
सिपाही बाबा के पांचों सज्जादों में शामिल सूफी शमसुद्दीन शहनाई हसनी नूरी, हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरुद्दीन नूरी कादरी, सूफी जलालुद्दीन नूरी कादरी व सूफी शहाबुद्दीन नूरी कादरी के नेतृत्व में सोमवार को एक विशाल जुलूस के साथ भारी संख्या में जायरीन दोपहर सिपाही बाबा के भक्त छोटा मिर्जापुर स्थित आवास से हाथ में चादर-गादर ले पैदल ही बाबा के दरगाह पहुंचे। जुलूस इमरती रोड, संगमोहाल, स्टेशन रोड व भरुहना के रास्ते गुजरा। दरगाह पर जायरीनों के लिए लंगर का भी आयोजन किया गया था। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ जमींन पर बैठ लंगर ग्रहण किया।