मिर्जापुर। बरैनी-भटौली घाट के पीपा पुल पर बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे बीच गंगा में एक 14 चक्का ट्रक फंस गया। जिससे करीब तीन घंटे तक जाम लग गया। बाद में किसी तरह ट्रक को खींचकर निकाला गया। पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों की लापरवाही से यहां एक बड़ा हादसा हो सकता था। गौरतलब है कि पैसा लेकर बड़े वाहनों को पार कराने का काम अकसर ही होता रहता है।
बताया जाता है कि बरैनी भटौली घाट पीपा पुल पर बैरियर के दोनों तरफ तैनात कर्मचारियों द्वारा पैसा लेकर पुल पर 14 चक्का ट्रक को जाने दिया गया। पर ट्रक जैसे ही बीच गंगा में पहुंचा तभी पुल पर लगा लकड़ी का पल्ला टूट गया और ट्रक का पहिया उसमें फंस गया। काफी मशक्कत के बाद उसे हटाया गया। तब जाकर आवागमन चालू हो पाया।
इस पीपा पुल पर टाटा सूमो, जिप्सी पलटने आदि की घटना पहले भी हो चुकी है। जिसमें कई लोग जान भी गंवा चुके हैं। इसके बावजूद न तो चालक और न ही कर्मचारी सबक लेने को तैयार हैं। इससे पुल पर हमेशा दुर्घटना का भय बना रह रहा है।
दरअसल कछवां थाना क्षेत्र व देहात कोतवाली मिर्जापुर क्षेत्र के गांवों तक आवागमन सुगम बनाने के लिए शासन ने इस पीपा पुल का निर्माण कराया था। पुल पर गुजरने वाले वजन की क्षमता शासन की ओर दो पहिया और चार पहिया वाहनों को जाने के लिए निर्धारित की गई है। लेकिन बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। जबकि पुल के दोनों तरफ पीडब्ल्यूडी द्वारा कर्मचारी लगाए गए हैं और देहात कोतवाली मिर्जापुर से गार्ड की भी ड्यूटी लगाई गई है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि पीपापुल से केवल दो और हल्के चार पहिया वाहनों के ही आवागमन की ही अनुमति है। ट्रक जाने की अनुमति किसने दी इसकी जांच कराई जाएगी और कार्रवाई होगी।