मिर्जापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक पथरहिया में शनिवार को हुई। जिसमें विपणन निरीक्षकों के निलंबन और 50 वर्ष पूरा करने वाले कर्मचारियों की छंटनी पर रोष जताया गया। उत्तरी जोन जोनल महामंत्री नारायणजी दूबे ने कहा कि सरकार का तानाशाही रवैया नहीं रुका तो कर्मचारी आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि 50 वर्ष की आयु में कर्मचारी अयोग्य हो सकता है तो 50 वर्ष के सांसद विधायक कैसे योग्य हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव में कर्मचारी 50 वर्ष पूरा करने वाले जनप्रतिनिधियों को वोट नहीं दें। अश्वनी तिवारी ने कहा कि जब 50 वर्ष की आयु में कर्मचारी काम करने लायक नहीं रह सकता है तो जनप्रतिनिधि जनता के हित में कैसे निर्णय कर सकते हैं। प्रभाशंकर आजाद ने कहा कि जिस प्रकार से कर्मचारियों की पेंशन बंद हो गई है, उसी प्रकार से सांसद व विधायकों की भी हवाई जहाज यात्रा, रेलवे, टेलीफोन, बंगला और कैंटीन सहित मिलने वाली सभी नि:शुल्क सुविधा को बंद किया जाए। कमलकुंज चौबे ने कहा कि सरकार कर्मचारियों संग सौतेला व्यवहार कर रही है। कर्मचारियों के हित के लिए अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक में सीमा शुक्ला, प्रभाशंकर आजाद, सूरज कनौजिया आदि ने सरकार की नीतियों की निंदा की। कर्मचारियों की छंटनी को बंद करने की मांग किया। बैठक में शिवेंद्र सिंह पटेल, राजाराम पाठक, कमल, रितेश, पुनीत, शीत शुक्ला, प्रमिला देवी, लाल साहब बिंद, राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे।