मिर्जापुर। सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला महिला अस्पताल में पिछले चार महीने में 800 महिलाओं ने प्रसव कराया है, लेकिन उन्हें योजना की धनराशि अब तक नहीं मिल पाई। अस्पताल प्रशासन बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है।
गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य और उनके सेहत को ध्यान में रखकर जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 1000 रुपये की नकद सहायता मिलती है। इससे वह प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य पर खर्च कर सकती है। योजना के तहत प्रसव के बाद 48 घंटे में महिला के खाते में धनराशि का भुगतान करना होता है। जिला महिला अस्पताल चार माह से प्रसव कराने वाली 800 महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। अभिभावक अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मार्च से बजट नहीं आया है।
कोट-
बजट नहीं मिलने के कारण प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं दिया जा सका है। सबकी फाइल बनकर तैयार है। सीएमओ कार्यालय को डिमांड भेजी गई है। बजट आते ही सबको भुगतान किया जाएगा।
- डा. वंदना मौर्या, एचओडी, जिला महिला अस्पताल