मिर्जापुर। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने सोमवार की सुबह दस बजे बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा कार्यालय के लेखाधिकारी गोविंद सिंह समेत दस कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। देर से आने पर तीन कर्मचारियों को चेतावनी दी। वर्ष 2016 में नियुक्त 304 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं होने समेत तमाम खामियां मिली जिसपर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई।
अवकाश के नाम पर उत्पीड़न समेत अन्य तरह की शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। इसके बाद प्रसूता, मेडिकल, आकस्मिक अवकाश और शिक्षकों के देयकों से संबंधित कागजातों की जांच की। 2016 में नियुक्त शिक्षकों के कागजातों का सत्यापन नहीं होने पर नाराजगी जताई। बताया गया कि बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी निदेशक से मिलने गए हैं। निरीक्षण के दौरान वित्त व लेखाधिकारी गोविंद सिंह, सहायक वित्त व लेखाधिकारी संतोष कुमार, जिला समन्वयक एमडीएम रवींद्र मिश्र, निर्माण समन्वयक अजय श्रीवास्तव, समेकित केशराज सिंह, लेेखा विभाग के अरुण कुमार जायसवाल, अरुण कुमार उपाध्याय, मो. इम्तियाज, परिचारक अभिषेक गिरि तथा परिचारक विजय कुमार सिंह अनुपस्थित मिले। तीन कर्मचारी ज्येष्ठ लेखा लिपिक आशीष सिंह, राजेश त्रिपाठी और शाहिद विलंब से आए जिससे इनकों चेतावनी दी गई। डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यालय में सफाई नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। स्टेनो के कक्ष में काफी मूल कागजात मिले। डीएम ने स्टेनो फुंटन मूल प्रमाण पत्रों का विवरण मांगा लेकिन वह विवरण नहीं द ेसके। इस पर जिलाधिकारी ने कागजातों की गिनती कराई। वर्ष 2016 में तैनात 304 शिक्षकों का सत्यापन नहीं होने पर फटकार लगाते हुए तीन दिन में विवरण मांगा। सीसीएल के 304 प्रकरणों में से 33 प्रकरण में बीएसए की ओर से स्वीकृत नहीं की गई है। कार्यालय परिसर में दो जीप, सात बाइक, सौ से अधिक टूटी कुर्सियां मिलने पर नाराजगी जताते इन्हें नीलाम करने का निर्देश दिया।
खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए पांच सेवा और पांच जीपीएफ पंजिका को अपने कब्जे में लिया। उन्होंने स्टेनो को निर्देश दिया कि जिन शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किया गया है। उनकी सेवा पंजिका तीन दिन के अंदर मंगाकर जिलाधिकारी कार्यालय में मिलान कराएं।
डंप पाया गया जूते-मोजे के बंडल : जिलाधिकारी के निरीक्षण में परिषदीय बच्चों को बांटने के लिए आए जूते-मोजे के बंडल डंप पड़े पाए गए। कबाड़ वाले स्टोर रूम में जूते-मोजे के बंडल छिपाकर रखे गए थे। इसके बारे में जब जिलाधिकारी ने पूछताछ की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यहीं नहीं पटेहरा कलस्टर ब्लाक के लिए शासन से आए कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और प्रोजेक्टर आदि भी दिया नहीं गए थे। इन्हें भी स्टोर रूम में रखा गया था। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और जांच का निर्देश दिया।
छुट्टी के नाम पर वसूली की शिकायत पर जताई नाराजगी: जिलाधिकारी को अवकाश के नाम पर वसूली की शिकायत मिली थी। ऐसे में निरीक्षण के दौरान उन्होंने अवकाश के मामलों से अधिक पूछताछ की। डीएम ने जब स्टेनो से लिपिक से मातृत्व, चिकित्सा, आकस्मिक अवकाश का रजिस्टर मांगा तो उन्होंने बताया कि रजिस्टर नहीं बना है। डीएम ने कहा कि प्रसूति अवकाश देने में गड़बड़ी की जा रही है। शिक्षकों के सर्विस बुक में अवकाश अंकित नहीं किए जाते हैं। इसके बदले वसूली की शिकायत मिली है। कई शिक्षकों की ओर से की गई इस तरह की शिकायतों की जांच चल रही है।