हलिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा में जिलाधिकारी विमल कुमार दूबे ने शनिवार को पिपरा गांव में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना । इस दौरान ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं से जुड़े करीब एक सौ प्रार्थना पत्र भी डीएम को सौंपा गया । जन चौपाल को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जबतक अधिकारी, जनता तथा जन प्रतिनिधि पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य नहीं करेंगे तबतक गांव का समग्र विकास नहीं हो पायेगा ।
जिलाधिकारी सबसे पहले पिपरा गांव की भौगोलिक समीक्षा करते हुए डीएम ने गांव में संचालित हो रहीं विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की । चौपाल में बताया गया कि पिपरा गांव की आबादी करीब पचपन सौ है । गांव में कुल नौ सौ परिवार सामूहिक रूप से निवास करते हैं । गांव में तिरपन लोगों को बृद्धा पेंशन मिल रही है । पचपन लोगों ने पेंशन के लिए आनलाइन आवेदन कर रखा है । वर्ष 2016 -17 में पिपरा गांव में तीस प्रधान मंत्री आवास आवंटित किए गए हैं, जिनमें से चौबीस आवासों की द्वितीय किश्त की धनराशि भी जारी कर दी गई है । गांव में कूल बयालीस हैंडपंप लगाए गए हैं । गांव में विभिन्न स्थानों पर इक्कीस सोलर लैम्प भी लगाए गए है । गांव में चार सौ जाब कार्ड धारक हैं और मनरेगा योजना के तहत दो तालाबों में कार्य कराया गया है । चौपाल में ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, सिचाई आदि बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराए जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस पिछड़े क्षेत्र में सरकारी अस्पताल के कुछ और सब सेन्टर स्थापित कराने की कोशिश करेंगे । जिलाधिकारी ने सरकार के नीतिगत निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि ग्राम पंचायत के सभी कार्य पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त तथा बगैर भेदभाव के कराए जाएं। सूखाग्रस्त कोरावल क्षेत्र के संदर्भ पर डीएम ने कहा कि फसलों की क्राप कटिंग कराया जाएगा और किसानों को हर राहत उपलब्ध कराई जाएगी । चौपाल में आवास, पेंशन आदि की सूची तथा गांव की भूलेख खतौनी भी पढकर सुनाई गई । जिलाधिकारी ने चौपाल में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का एक सप्ताह के अंदर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया । चौपाल में डिघिया, भटवारी तथा महुगढ गांव के प्रधानों ने भी डीएम के समक्ष अपने गांव की समस्याएं रखीं । इसके बाद जिलाधिकारी ने सरकारी हाईस्कूल तथा गांव के अनुसूचित बस्ती में जाकर दो निर्माणाधीन आवास और एक हैंडपंप का मौके पर निरीक्षण किया । इस दौरान डीएम ने लाभार्थियों से पूछा और कहा कि आवास के नाम पर आप लोग किसी भी व्यक्ति को पैसा न दें । कहा कि यदि कोई व्यक्ति पैसा देने के लिए दबाव बना रहा हो तो निडर होकर इसकी सूचना हमें दें। चौपाल से निकलकर गाड़ी में बैठते समय जिलाधिकारी से सिधवनिया गांव के लोगों ने वन भूमि से उन्हे बेदखल करने की समस्या बताई तो डीएम ने कहा कि वन्यजीव अभयारण्य की आरक्षित भूमि राष्ट्रीय सम्पत्ति है । कहा कि ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे अवैध कब्जा स्वत: हटा लें। इस अवसर पर एसडीएम लालगंज लल्लन राम, डीएसओ अंजनी कुमार सिंह, अपर सूचना अधिकारी ओमप्रकाश उपाध्याय, बीडीओ सुदामा प्रसाद यादव, क्षेत्रीय वनाधिकारी भाष्कर प्रसाद पांडेय, सीओ लालगंज बृजेश कुमार तिवारी, थानाध्यक्ष विनोद कुमार दूबे, अपनादल के जिलाध्यक्ष रमाकांत पटेल ,धनंजय पांडेय, कुलदीप सिंह पटेल, एडीओ पंचायत पीयूष दूबे, अरुण कुमार मिश्र, पवन दत्त त्रिपाठी, मिनिस्टर अग्रहरी आदि मौजूद थे ।