मिर्जापुर। एसी बोगी में बिना आरक्षण घुसने पर यात्रियों के दो गुटों में शनिवार को जमकर मारपीट हुई। इसके चलते जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के डाउन लाइन पर डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए यात्रियों ने प्लेटफार्म पर खूब हंगामा किया। जीआरपी एवं आरपीएफ ने यात्रियों को समझा बुझाकर शांत कराया तब ट्रेन रवाना हो सकी।
जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस दिन में साढ़े तीन बजे विंध्याचल रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने आए पटना की महिला दर्शनार्थी समेत सात यात्री एसी कोच के बी थ्री में चढ़ गए। कोलकाता के तीन यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई और उनसे नीचे उतरने को कहने लगे। कोच में चढ़े यात्रियों ने मुगलसराय में उतरने की बात कही लेकिन कोलकाता के यात्री कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। शाम करीब साढ़े चार बजे ट्रेन मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर रुकी तो कोलकता के यात्री स्टेशन मास्टर के कक्ष में पहुंच गए और चढ़े पटना के यात्रियों को नीचे उतराने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। शोरगुल होने पर जीआरपी थानाध्यक्ष समर बहादुर ,आरपीएफ इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह कौतेंय ने पटना के सातों यात्रियों को उतारकर स्लीपर में भेजा। इसके बावजूद इसके कोलकता के यात्री मारपीट की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग करने लगे। वे सुरक्षा के लिए बार-बार चेनपुलिंग करते रहे। इससे स्लीपर के अन्य यात्री यात्री नाराज हो गए और कोलकता के यात्रियों से मारपीट करने लगे। उनका कहना था कि उनके चक्कर में मुगलसराय में मिलने वाली उनकी राजधानी छूट जाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक मचे हंगामे के बाद पुलिस दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया। शाम करीब सवा छह बजेे ट्रेन रवाना हुई।