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जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहें हैं बच्चे

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मिर्जापुर,जमालपुर, मड़िहान। हाईटेंशन तारों के नीचे बने स्कूलों के नीचे जान जोखिम में डाल कर नौनिहाल आज भी पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा और बिजली विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके विभाग नहीं चेत रहा है। आज भी जमालपुर में 20 व मड़िहान में छह सहित 52 स्कूल हाईटेंशन तार के नीचे संचालित हो रहे हैं।
जिले में विगत वर्ष विकास खंड जमालपुर के प्राथमिक स्कूल तेतरिया कलां में हाईटेंशन तार से करंट उतर गया था, जिसमें सभी बच्चे बाल-बाल बच गए थे। बावजूद इसके हाईटेंशन तारों के नीचे बने 20 परिषदीय स्कूल से तार हटाने अथवा अन्यत्र स्थापित करने पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जमालपुर और मड़िहान में परिषदीय स्कूलों के ऊपर से 11 हजार वोल्ट का हाइटेंशन बिजली का तार गुजर रहा है, जिससे बच्चों के ऊपर जान का खतरा बना रहा है। ग्रामीण मजबूरन अपने बच्चों को पढने के लिए स्कूल भेजने को विवश हैं। जमालपुर के प्राथमिक स्कूल जसवां, मानिकपुर, गोठौरा, जफरपुरा, जफराबाद, विक्सी, जयपट्टी, डढ़ौना, हरदी सहजनी, सेमरा, मगरा, धारा द्वितीय, जलालपुर, तेतरिया खुर्द, बेलखरा, ककही, रामपुर, मुरेराडीह, हुसैनपुर, शिवपुर, पसहीं, हसरौड़ी, डवक, खेमईबरी, मुडौहा, हामिरपुर, मठना आदि से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। वहीं मड़िहान में प्राथमिक स्कूल जमुई प्रथम व द्वितीय, मड़िहान बाजार, डढ़िया, भावां सहित जिले में 52 परिषदीय स्कूलों से हाईटेंशन तार गुजर रहे है। तत्कालीन डीएम राजेश कुमार सिंह के कार्यकाल में विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तारों के जाने वाले स्कूलों की सूची मांगी गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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वर्जन
स्कूलों पर से हाईटेंशन तार हटवाने के लिए जिलाधिकारी को विद्यालयों की सूची भेजी गई है, समस्या के समाधान की मांग डीएम से की गई है। - प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए।
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