मिर्जापुर। नगर के सिटी क्लब के मैदान में बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग की ओर से शराब की दुकानों के लिए ऑनलाइन लाटरी निकाली गई। कंपोजिट, देशी शराब और भांग की 338 दुकानों के लिए 7159 ने आवेदन किया था। इस बाद करीब 70 प्रतिशत लॉटरी महिलाओं के नाम निकली है। वहीं, नए कारोबारियों को ज्यादा दुकानें मिली हैं।
दोपहर दो बजे नोडल अधिकारी चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव पिंकी जोवेल, जिलाधिकारी प्रियंका और एसएसपी सोमेन बर्मा की मौजूदगी में ऑनलाइन लाटरी निकाली गई। लाटरी की प्रकिया शुरु होने से पहले ही बिजली कट गई। अधिकारियों ने किसी तरह समस्या का निराकरण कराया। करीब 10 मिनट पर बाद प्रक्रिया शुरू हुई और लाटरी निकाली गई। आबकारी अधिकारी ने जिन दुकानों के लिए जिनकी लाटरी निकली, उनके नाम पढ़कर बताए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सीओ सिटी विवेक जावला, सीओ शिखा भारती, शहर कोतवाल नीरज पाठक, देहात कोतवाल सदानंद सिंह फोर्स के साथ तैनात रहे।
आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय ने बताया कि कंपोजिट दुकानों में सबसे ज्यादा 159 आवेदन अहरौरा बाईपास के लिए आए थे। इसमें शंकर लाल की लाटरी निकली। कंपोजिट में सबसे मंहगी दुकान चुनार बाजार की, जिसकी लाइसेंस फीस 47 लाख है। इस दुकान की लाटरी घनश्याम दीक्षित के नाम निकली। देशी में सबसे अधिक आवेदन 128 अहरौरा बाईपास पर पड़ा था। इसमें कृतिका की लाटरी निकली। देशी में सबसे महंगी दुकान शुक्लहा की है। जिसकी लाइसेंस फीस 44 लाख है। इसमें 72 आवेदन आए थे। इसमें लाटरी शिवराम पांडेय की निकली। भांग की दुकानों में सबसे अधिक 83 आवेदन शुक्लहा की दुकान के लिए आए थे। इसकी लाटरी विश्वजीत के नाम निकली। भांग में सबसे महंगी दुकान रेलवे स्टेशन की है, जिसकी लाटरी रीता देवी के नाम निकली। उन्होंने बताया कि करीब 70 प्रतिशत लॉटरी महिलाओं के नाम निकली हैं। वहीं, इस बार नए कारोबारियों को ज्यादा मौका मिला है। भांग की नौ दुकानों पर कोई आवेदन नहीं आया।
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लाइसेंस शुल्क में मिलेगा 36 करोड़ का राजस्व
जिला आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय ने बताया कि आवेदन शुल्क के रूप में करीब 30 करोड़ रुपये विभाग को मिले थे। अब लाइसेंस शुल्क के रूप में 36 करोड़ का राजस्व मिलेगा। कंपोजिट की 86 दुकानों से 12 करोड़, देशी शराब की 197 दुकानों से 23 करोड़ और भांग की 55 दुकान से 55 लाख का राजस्व मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिनकी लाटरी निकली है, उन्हें 12 मार्च तक लाइसेंस फीस जमा करना है। शुल्क जमा न करने पर उस दुकान की फिर से लाटरी निकाली जाएगी।